पोस्ट ऑफिस रोड में पेड़ गिरा, मालवाहक वाहन क्षतिग्रस्त, कोई जनहानि नहीं

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है। अम्बिकापुर मौसम कार्यालय द्वारा जारी 18 अगस्त के स्टेशनवार वर्षा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 900 मिमी के नजदीक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो मौसमी औसत का लगभग 74 प्रतिशत है। बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, वहीं मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इधर घुनघुट्टा बांध में तीन गेट खोल दिए गए हैं।
लगातार हो रही बारिश ने अंबिकापुर शहर के जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी बातें सामने आ रही हैं। इसी बीच शहर के पोस्ट ऑफिस रोड में लगातार बारिश और तेज हवा के चलते सड़क किनारे लगा एक विशाल पेड़ अचानक उखड़कर गिर गया। पेड़ एक मालवाहक वाहन के ऊपर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पेड़ गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ समय के लिए पोस्ट ऑफिस रोड पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे लोगों ने पेड़ को हटाने में मदद की। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। वाहन चालक और आसपास मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। लगातार बारिश के कारण पेड़ गिरने और जलभराव की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घरों से न निकलें और पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा न करें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है।

बारिश के आंकड़े
18 अगस्त को सुरगुजा संभाग में अंबिकापुर में 51.5 मिमी, बतौली में 24.5 मिमी, दरिमा में 27.8 मिमी, लखनपुर में 26.0 मिमी, लुंड्रा में 19.3 मिमी, मैनपाट में 19.5 मिमी, सीतापुर में 41.0 मिमी और उदयपुर 28.8 मिमी वर्षा दोपहर तक दर्ज की गई है। जिले में सबसे अधिक बारिश सीतापुर में दर्ज की गई। तापमान में भी गिरावट देखी गई, अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम 22.7 डिग्री रहा। सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले में भी अच्छी बारिश हुई। यहां भटगांव में 92.7 मिमी और बिहारपुर में 92.0 मिमी बारिश दर्ज किया गया। कई स्थानों पर 50 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली द्वारा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य पूर्वानुमान में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 19 अगस्त तक और 22-23 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। इस बीच कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य से उत्तर की ओर है और शियर जोन मध्य व उससे सटे उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत पर बना हुआ है। इसी वजह से प्रदेश में नमी युक्त हवाएं आ रही हैं और बारिश का सिलसिला जारी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक हुई बारिश से धान की फसल को लाभ मिलेगा।

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