पूर्व मंत्री ने कहा-सरकार श्वेतपत्र जारी करके बताए, कितने स्कूल बंद हुए, कितनी शराब दुकान खुली

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने गुरूवार को अपने निवास में पत्रकारों से चर्चा करते हुए वर्तमान विष्णु देव साय सरकार के दो वर्षीय कार्यकाल और उत्सव मनाने की तैयारी पर कटाक्ष किया, और कहा कि जनता किस चीज का उत्सव मनाए? उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में 400 यूनिट हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिल रहा था, जिसे वर्तमान भाजपा सरकार समाप्त कर दी है। अब 200 यूनिट हॉफ बिजली बिल योजना लागू करने की बात कहकर लोगों के साथ सरकार धोखा कर रही है। एक यूनिट भी बढ़ा तो बिजली बिल का उपभोक्ताओं को पूरा भुगतान करना पड़ेगा, इसलिए योजना का कोई औचित्य नहीं है। सरकार दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर जश्न मनाने से पहले स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक विकास की दिशा में क्या कार्य की, कितने स्कूल बंद किए, कितनी शराब की दुकानें खोली, इस पर श्वेत पत्र जारी करके स्पष्ट करे।

पूर्व मंत्री ने कहा सरगुजा जिले के मैनपाट में बिना ग्राम सभा प्रस्ताव लिए मैनपाट के कई ग्रामों में माइनिंग की तैयारी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है। मैनपाट में पर्यटन की संभावनाएं समाप्त हो रही है। सरकार पर्यटन और माइनिंग दोनों एक साथ करने की बात कर रही है, जो सरासर लोगों के साथ धोखा है। पर्यटन को नहीं माइनिंग को बढ़ावा देने में सरकार लगी है। लायन आर्डर बिगडऩे जैसी स्थिति बन रही है। पंचायत, ग्राम सभा की अनुमति लिए बिना किसी प्रकार का खनन कार्य अधिनियम का उल्लंघन है। विपक्ष के द्वारा लगातार इसका विरोध किया जा रहा है, और आगे भी करेगा, बात नहीं बनने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने आगे कहा शासन-प्रशासन राजस्व बढ़ाने के लिए इस प्रकार का कार्य कर रही है, विकास के नाम पर धूल, प्रदूषण फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका सरकार की है। घुनघुट्टा नदी एवं मछली नदी के साथ अन्य जल स्त्रोत को क्षति पहुंचाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ा जा रहा है। पर्यावरण विभाग द्वारा भी इसका ख्याल नहीं रखा जा रहा है। जमीन अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान में भारी अनियमितता बरती जा रही है। केन्द्रीय भू-अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार, चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान है परंतु सरकार, प्रशासन एवं कंपनियां इसके विरूद्ध काम कर रही है, जो सरासर लोगों के साथ अन्याय है। पत्रकारों के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा अमेरा माइन्स में कोयला खनन को लेकर ग्रामीणों, एस.ई.सी.एल. व पुलिस के बीच झड़प एवं लाठी चार्ज जनभावना के विपरीत है। बिना सहमति एवं नौकरी के खनन संभव नहीं है। शासन-प्रशासन एवं एस.ई.सी.एल. को आपसी सहमति करने के उपरान्त ही खनन का काम करना चाहिए। हसदो अभ्यारण्य क्षेत्र में भी पेड़ को काटकर पर्यावरण को अपूर्णीय क्षति पहुंचाई जा रही है। इस दौरान लक्ष्मी गुप्ता, परशुराम सोनी, सुरेश गुप्ता, दीपक मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।

जंगली हाथी, जानवरों के रहवास का सफाया
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरगुजा के मैनपाट, अमेरा, महान एक, महान दो, रायगढ़ जिले के कछार एवं कोरबा क्षेत्र में अंधाधुंध जंगलों का सफाया किए जाने से जंगली हाथी, जानवरों के रहवास के कमी आई है। रहवासी क्षेत्र में हाथियों का प्रवेश हो रहा है। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने में जनहानि, फसल हानि एवं घर तोडऩे की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे आम जनता परेशान है। संबंधितों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा हमारी मांग है कि ऐसे ग्रामीणों को फसल हानि की लागत का दोगुना, मकान हानि के मामले में तीन कमरे का पक्का मकान शौचालय युक्त एवं जनहानि पर 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, जिससे ऐसी समस्या का सामना कर रहे लोगों को राहत मिले।

धान बेचने में किसानों को हो रही असुविधा
पूर्व मंत्री ने कहा 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है परंतु अभी तक पंजीयन, एग्रीस्टेक का काम पूर्ण नहीं हो सका है। रकबा त्रुटि व सुधार नहीं होने से किसान परेशान हैं। ऐसे में धान कैसे बेच पाएंगे, इसकी चिंता किसानों को है। वन भूमि पट्टाधारियों के लिए भी धान खरीदी की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे वनांचल में रहने वाले आदिवासी एवं अन्य परंपरागत लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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