गिरिजा ठाकुर 

अंबिकापुर। दहेज के लिए ढाई वर्ष से प्रताड़ित हो रही महिला अपने पति, जेठ, सास व ननद के विरूद्ध मणिपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला ने बताया है कि विवाह के तीन माह बाद से ही उसे दहेज में दो लाख रुपये कम लाने के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और मायके से रुपये लेकर आने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

मणिपुर थाना क्ष़ेत्र के ग्राम दर्रीडांड की पूजा ठाकुर 31 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि उसका विवाह 26 अप्रैल 2021 को सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। तत्समय उसके पिता ने अपने सामर्थ्य के अनुसार दहेज में दो लाख रुपये दिया था। विवाह के बाद पति पंकज ठाकुर उसे एक माह तक ग्राम कउवल, छतरपुर जिला पलामू झारखंड में रखा। बाद में इंश्योरेंस विभाग रायपुर में नौकरी लगने पर किराए के मकान में पति के साथ रायुपर में वह रह रही थी। तीन माह तक दोनों का दाम्पत्य जीवन ठीक रहा, बाद में उसे दहेज में दो लाख रुपये कम लाने की बात कहकर मारपीट व शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। इससे परेशान होकर वह अपने साथ पिछले डेढ़ साल से भाई प्रियांशु को रखी थी, जो पति के द्वारा मारपीट करने पर बीच-बचाव करता था। जब वह दहेज के लिए प्रताड़ित करने की बात अपने जेठ और सास को बताई तो वे भी दो लाख रुपये और लाने की बात कहते हुए पति का साथ देने लगे। कई बार मारपीट कर चोट पहुंचाने पर भाई प्रियांशु जख्मी बहन का एम्स हास्पिटल रायपुर में उपचार कराया था और घटना की जानकारी माता-पिता को भी दिया था। 12 जुलाई को वह अपने पति के साथ उसकी बहन आशा के घर शादी में शामिल होने के लिए आई थी, यहां उसके जेठ, सास व ननद भी आए थे। शादी के दौरान मायका पास में होने के कारण वह आना-जाना करने लगी। 17 जुलाई को दोपहर करीब 02.30 बजे जब वह मायके में थी तो ससुराल पक्ष से पति, जेठ, सास, ननद पहुंचे और दो लाख रुपये के लिए रुपये खत्म होने की बात कहते हुए पति उसका मोबाइल मांगा। मोबाइल देने से मना करने पर गाली-गलौज करते हुए पति ने ईंट से पेट में मारा। भाई प्रियांशु बीच-बचाव करने लगा तो उस पर भी ईंट से वार कर दिया। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य मध्यस्थता किए। इसके बाद ननद भी प्रियांशु से मारपीट की, जिससे उसे चोटें आई और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रिपोर्ट पर पुलिस ने विवाहिता के पति पंकज ठाकुर, जेठ पंचम ठाकुर, सास सुशीला देवी व ननद रानी ठाकुर 27 वर्ष के विरूद्ध अपराध दर्ज किया है।

Categorized in: