काउंसलिंग के दौरान रजामंदी होने के बाद भी नहीं आया व्यवहार में बदलाव
अंबिकापुर। दहेज में पांच लाख रुपये नकद, जेवर व बाइक नहीं देने का आरोप लगाकर विवाहिता को घर से निकाल देने के मामले में महिला थाना पुलिस ने आरोपी पति व सास के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है। इसके पहले पुलिस ने काउंसलिंग कराया था, जिस पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था, लेकिन घर जाने के बाद इनके व्यवहार में बदलाव नहीं आया।
आवेदिका वंदना गुप्ता 28 वर्ष, निवासी बाजारपारा, लखनपुर सरगुजा ने पुलिस को बताया है कि उसका विवाह कोरबा जिला के ग्राम कुरथा निवासी राहुल गुप्ता के साथ रीति-रिवाज से 26 अप्रैल 2021 में हुआ है। विवाह के बाद वह अपने ससुराल में दाम्पत्य जीवन का निर्वहन आरंभ की। निर्धन परिवार की होने के बाद भी उसके स्वजन अपनी क्षमता से अधिक स्त्रीधन, उपहार की व्यवस्था करके विवाह सम्पन्न कराए थे। इसके बाद भी ससुराल पक्ष में पति एवं सास के द्वारा दहेज में मोटरसायकल एवं नगद रकम 5 लाख रुपये, सोने का चेन, अंगूठी नहीं देने का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जाने लगा। घर से निकालने के बाद वह महिला पुलिस थाना अंबिकापुर में आवेदन दी, जिस पर पुलिस ने काउंसलिंग कराया। 10 जनवरी 2024 को ससुराल जाने पर पति और सास उसे प्रताड़ित करते हुए दहेज की मांग करने लगे। खाना-पीना बंद कर दिया और बेरहमी से मारपीट करके अधमरा हाल में छोड़ दे रहे थे, जिससे उसके समक्ष आत्महत्या कर लेने जैसी परिस्थिति निर्मित हो गई थी। वह स्वयं के जान की सलामती के लिए 11 मई 2025 को वापस अपने मायके आ गई, इसके बाद ससुराल नहीं गई। ससुराल पक्ष के द्वारा भी सम्पर्क तोड़ दिया गया। पुलिस ने आरोपी पति राहुल गुप्ता पिता चन्द्रजीत गुप्ता 33 वर्ष व दुर्गावती गुप्ता पति चन्द्रजीत गुप्ता 55 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम कुरथा के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

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