शहर के बहुचर्चित करोड़ों के जमीन घोटाला पर भी हुई सुनवाई

जमीन क्रेताओं की ओर से अधिवक्ता और बंसू लोहार का नाती कोर्ट में हुआ उपस्थित

हर गुरुवार को 3 बजे से यू-ट्यूब पर न्यायालय की कार्रवाई का होगा सीधा प्रसारण

अंबिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर ने न्यायालयीन कार्रवाई में पारदर्शिता लाने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की तर्ज पर एक अभिनव पहल की है, जिसके तहत अब से हर गुरुवार को 3 बजे से कलेक्टर न्यायालय की कार्रवाई का ऑनलाइन प्रसारण सरगुजा जिले के अधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर किया जाएगा। सरगुजा जिला प्रदेश का पहला जिला होगा, जहां कलेक्टर कोर्ट की कार्रवाई के ऑनलाइन प्रसारण की शुरुआत की गई है। कलेक्टर ने बताया कि कई बार आवश्यक कारणों से कोर्ट नहीं आने पर आवेदक अपने केस पर हुई कार्रवाई को देखने से वंचित रह जाते हैं। इस सुविधा से आवेदक घर बैठे भी अपने केस पर कार्रवाई एवं निर्णय देख सकते हैं। साथ ही सामान्य जन भी न्यायालय की कार्रवाई से रूबरू हो सकते हैं। उन्होंने कहा इस ऑनलाइन सुविधा से आवेदक अथवा उनके स्वजन वकीलों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और न्यायालय में हुए फैसले से तुरंत अवगत हो सकेंगे। गुरूवार को प्रारंभ हुए कोर्ट के ऑनलाइन प्रसारण दौरान कलेक्टर ने बहुचर्चित अंबिकापुर के नमनाकला स्थित करोड़ों रुपये की चार एकड़ 22 डिसमिल जमीन की सुनवाई भी की। इस दौरान जमीन क्रेताओं की ओर से उनके अधिवक्ता और बंसू लोहार के तरफ से उनका नाती उपस्थित हुआ। मामले में नमनाकला के बंसू लोहार के जगह हमनाम परसा निवासी बंसू लोहार के नाम भूमि दर्ज करा करोड़ों का वारा-न्यारा किया गया है। इस मामले में नजुल अधिकारी नीलम टोप्पो, लिपिक अजय तिवारी व आरआई नारायण सिंह व राहुल सिंह के विरूद्ध पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है। जमीन फर्जीवाड़ा से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य भी पुलिस जुटा रही है। इधर कलेक्टर ने कोर्ट में पहुंचे कथित भू स्वामी बंसू लोहार के रायपुर अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी उसके नाती ने दी है। कलेक्टर ने जमीन विक्रेता और क्रेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए 21 मार्च तक का समय दिया है।
भूमि संबंधित मामलों पर विशेष संज्ञान
कलेक्टर ने कहा कि न्यायालय में ज्यादातर दर्ज मामले भूमि से संबंधित हैं, जो काफी संवेदनशील होता है। जिला प्रशासन द्वारा इन प्रकरणों पर विशेष संज्ञान लिया जा रहा है, जिससे शासकीय भूमि क्षति के साथ ही आदिवासी जन एवं आम जन के भूमि से जुड़े प्रकरणों को समय पर निराकृत किया जाए।
ऑनलाइन कार्रवाई देखकर त्वरित रख सकेंगे पक्ष
कलेक्टर ने कहा कि कई बार आवेदक के बाहर रहने पर, उनके स्थान पर अन्य प्रार्थी उपस्थित होते हैं। इस बात की तस्दीक करने के लिए कि उक्त व्यक्ति आवेदक के पहचान का ही है, यह सुविधा काम आएगी। साथ ही न्यायलयीन कार्रवाई को देखकर अपना जरूरी पक्ष रखने में भी लोगों को सहूलियत होगी।
कलेक्टर विलास भोस्कर ने इस नई व्यवस्था के गांव-गांव में मुनादी कराने के भी निर्देश दिए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे और ऑनलाइन प्रसारण सुविधा का लोग लाभ उठा सकें।

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