क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने आसान जीत दर्ज की। वैसे तो मैच के हीरो विराट कोहली बने, जिन्होंने नाबाद 103 रन बनाए, लेकिन क्रिकेट फैंस के दिलों पर के.एल. राहुल ने विराट कोहली से ज्यादा जगह बना ली, क्योंकि उन्होंने जिस त्याग और साथी के प्रति समर्पण का परिचय दिया, उसकी चौतरफा तारीफ हो रही है।

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यह बात और है कि इस वर्ल्ड कप के भारत के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ के.एल. राहुल मात्र तीन रनों से अपना शतक चूक गए थे और नाबाद 97 रनों पर पैवेलियन लौटे थे। जर्बदस्त फॉर्म में चल रहे के.एल.राहुल की वर्ल्ड कप से पहले आलोचना हो रही थी कि उनमें लय नजर नहीं आ रही, लेकिन जिस तरह से के.एल. राहुल इन दिनों खेल रहे हैं तो लग रहा है कि मिडिल ऑर्डर में वो भारतीय टीम की रीढ़ बन चुके हैं।

कन्नौर लोकेश राहुल के नामकरण और क्रिकेटर बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है। कर्नाटक से आने वाले के.एल. राहुल के माता-पिता शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। पिता लोकेश नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक के डायरेक्टर रह चुके हैं, जबकि माता राजेश्वरी मेंगलूरु यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थीं।
माता-पिता के प्रोफेशन को देखा जाए तो के.एल. राहुल को एकेडमिक्स में होना चाहिए था, लेकिन उनके पिता के कारण आज वो क्रिकेट खेल रहे हैं। दरअसल, पिता लोकेश को लिटिल मास्टर के नाम से प्रसिद्ध पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर बेहद पसंद थे। सुनील गावस्कर के बेटे के नाम पर ही वो अपने बेटे का नाम रखना चाहते थे। हालांकि, उनसे थोड़ी भूल हो गई और वो सुनील गावस्कर के बेटे रोहन के नाम को राहुल समझ बैठे।

पिता लोकेश के प्रयासों के चलते मात्र 10 साल की उम्र में के.एल. राहुल ने क्रिकेट की ट्रेनिंग लेना प्रारंभ कर दिया था और दो साल बाद वो मेंगलूरु में बेंगलुरु यूनाइटेड क्रिकेट क्लब के लिए मैच खेलने लगे। 18 साल की उम्र में वो बेंगलुरु आ गए और जैन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, लेकिन उनका अधिक फोकस अपने क्रिकेट करियर पर ही रहा। विगत 9 सालों से के.एल. राहुल इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और इंडियन प्रीमियर लीग का भी हिस्सा हैं।

CWC 2023 India Vs Bangladesh Match: KL Rahul Contribution To Virat Kohli century
CWC 2023 India Vs Bangladesh Match
अब भारत-बांग्लादेश मैच की बात करते हैं। पुणे में खेल गए मैच में जब विराट कोहली 74 रन पर खेल रहे थे, तब उन्हें अपने शतक और भारत को जीत के लिए 26 रन ही चाहिए थे। उस समय के.एल. राहुल 34 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, यानी के.एल. राहुल को अपने अर्द्धशतक के लिए 16 रन चाहिए थे, लेकिन के.एल. राहुल ने साथी विराट कोहली के शतक को पूरा करने में सहयोग किया।

मैच के बाद जब के.एल. राहुल से जब इस संदर्भ में सवाल किया गया तो उनका कहना था कि जब मैंने एक सिंगल रन लेने से मना किया तो विराट कोहली ने कहा कि यह अच्छा नहीं है कि हम सिंगल न लें। लोग सोचेंगे कि हम अपने पर्सनल माइल स्टोन के लिए खेल रहे हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा था कि हम आसानी से जीत रहे हैं। आप अपनी सेंचुरी पूरी करें। के.एल. राहुल का यह बयान दर्शाता है कि वो एक बड़े दिल के खिलाड़ी भी हैं।

हाल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने के.एल.राहुल को बी-ग्रेड खिलाड़ी की श्रेणी में डाला है। मौजूदा वर्ल्ड कप के भारत के पहले चार मैचों में से तीन में उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिला है, जिसमें तीनों बार वो नाबाद रहे हैं। विकेटों के पीछे भी के.एल. राहुल बेहतरीन काम कर रहे हैं। साफ है, यदि भारत इस वर्ल्ड कप को जीतता है तो उसमें बड़ा योगदान के.एल. राहुल का भी रहने वाला है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें [email protected] पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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