एपीके फाईल के माध्यम से करते थे सायबर अपराध
मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत सायबर अपराध को अंजाम देकर लगभग 2 लाख रुपयों की ठगी करने वाले 5 आरोपियों को मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है साथ ही उनके कब्जे से 2 लाख 85 हजार रुपयों का माल भी बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह ने एक प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रार्थी वसीम आ. समीम उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड न. 04 मौहारपारा थाना मनेन्द्रगढ़ जिला एमसीबी (छ.ग.) थाना आकर लिखित शिकायत पत्र प्रस्तुत किया कि 7 नवम्बर 2024 को प्रार्थी के मोबाईल पर अज्ञात मोबाईल न. 6204763120 से फोन आया। फोन पर कहा गया कि जियो कंपनी का प्रतिनिधि बोल रहा हूँ। आपके फोन पर एक ओटीपी आया होगा कह कर ओटीपी की मांग की गई। प्रार्थी के द्वारा ओटीपी नहीं दिया गया। इसी बात पर अज्ञात कालर के द्वारा ओटीपी नही बताने पर सिम को बंद करने की बात कहा गया। 8 नवम्बर 2024 को अचानक प्रार्थी के मोबाईल नंबर में नेटवर्क आना बंद हो गया। जियो आफिस जाने पर बंद होने की जानकारी नही मिल पाई। 11 नवम्बर 2024 को प्रार्थी के द्वारा अपने एचडीएफसी बैंक के खाता से पैसा निकलवाने के लिये चेक करवाया गया तो प्रार्थी के खाते से 9 नवम्बर 2024 से 11 नवम्बर 2024 तक कुल 1,99,802 रूपये यूपीआई के माध्यम से मोबाईल नंबर 9399606934 से मोबाईन न. 9430983940 में ट्रांसफर किया गया है जबकि प्रार्थी के द्वारा कोई भी ट्रांजेक्सन नही किया गया है। किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा प्रार्थी के सीम को हैक कर प्रार्थी के खाते से गलत तरीके से धोखा कर कुल 1,99,802 रूपये का आहरण किया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगांवकर के मार्गदर्शन में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी मनेन्द्रगढ़ ए. टोप्पों के नेतृत्व में टीम गठित किया गया। जांच में यह पाया गया की प्रकरण में नये तरीके से सायबर अपराधी द्वारा घटना कारित करने के तरीके से ई-सिम के माध्यम से प्रार्थी के खाते से ऑनलाईन फ्राड किया गया। पूरे प्रकरण में गहन विश्लेषण कर अज्ञात सायबर अपराधियों की पतासाजी किया गया एवं झारखण्ड की राजधानी रांची से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मिथलेश कुमार दास पिता विजय कुमार दास उम्र 27 वर्ष ग्राम गोनइया थाना पाथरोल मधुपुर जिला देवधर झारखंड, सत्यानंद कुमार दास पिता जगन दास उम्र 26 वर्ष निवासी चरकमारा थाना सारठ जिला देवघर झारखंड, रिनाल कुमार दास पिता सुधीर दास उम्र 29 वर्ष ग्राम चारधरा सांरावा जिला देवधर झारखंड, संतोष कुमार दास पिता सुखदेव दास उम्र 33 वर्ष फुलचुआ थाना सारठ जिला देवघर झारखंड, कुंदन कुमार दास पिता बालेश्वर दास उम्र 30 वर्ष ग्राम चरपा थाना मधुपुर जिला देवघर झारखंड निवासी को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के द्वारा अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र एवं भारत के अन्य राज्यों में भी अपराध घटित किया गया है। आरोपियों द्वारा जुर्म करना स्वीकार करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेज दिया गया है।सभी आरोपी देवघर जिला के रहने वाले है जो वर्तमान में देवघर तथा उससे लगे जामताड़ा जिला सायबर ठगी के मामले में हब के रूप में जाना जाता है इसलिये सभी आरोपी वहाँ से दूर अपना ठिकाना राजधानी रांची में बनाये है जो रांची के रिहायसी इलाकों में किराये के मकान लेकर सायबर ठगी का काम संचालित करते थे। प्रकरण का आरोपी कुन्दन दास पूर्व में सायबर ठगी के मामले में सायबर थाना देवघर के अप.कं. 25/2022 में गिरफ्तार होकर जेल में निरूद्ध रह चूका है। जेल में रहने के दौरान सायबर ठगी के विभिन्न मामलों को सीखा है। जेल से बाहर आकर अन्य आरोपियों को भी सायबर ठगी के लिये प्रशिक्षित किया है।
ये माल हुआ बरामद
पुलिस ने 02 नग आईफोन (एप्पल) कीमत लगभग 100000.00 रुपये,
06 नग एन्ड्रोईड मोबाईल हैण्डसेट कीमत लगभग 150000.00 रुपये, डेबिट कार्ड 13 नग, सिम कार्ड 25 नग,
01 नग लैपटॉप कीमत लगभग 35000.00 रुपये कुल 2,85000 (दो लाख पचासी हजार) रुपयों का माल आरोपियों के कब्जे से जप्त किया है।अन्तर्राजीय गिरोह को पकड़ने में निरीक्षक दीपेश सैनी, उनि सुनील तिवारी, सउनि अभिषेक पाण्डेय, प्र.आर. इस्तियाक खान, जुनास एक्का, पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय, राकेश शर्मा, जितेन्द्र ठाकुर, राकेश तिवारी और झारखण्ड पुलिस से थाना प्रभारी चुटिया रांची से लक्ष्मीकांत उप निरीक्षक जितेन्द्र मिश्र, सउनि विश्वनाथ चौधरी का विशेष सहयोग रहा।

Categorized in: