साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट के मामले में दो के विरूद्ध अपराध दर्ज
अंबिकापुर। साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट के दो मामलों में कोतवाली थाना पुलिस ने दो आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर लिया है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूची के अनुसार साइबर ठगी में उपयोग किए गए म्यूल अकाउंट, फर्जी मोबाइल नंबरों को जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल्स एवं संदिग्ध मोबाइल नंबरों के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई करने पुलिस मुख्यालय रायपुर से दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी क्रम में फर्जी मोबाइल नंबर धारक के विरुद्ध साइबर पुलिस स्टेशन, नॉर्थ दिल्ली से समन्वय पुलिस पोर्टल में ऑनलाइन दर्ज की गई शिकायत में शिकायतकर्ता के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया है। शिकायत जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर की संलिप्तता पाई गई, इसका साइबर ठगी में उपयोग किए गए म्यूल एकाउंट से लिंक पाया गया।
देश के अलग-अलग राज्यों में म्यूल एकाउंट से लेनदेन के संबंध में दर्ज शिकायत पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नोडल अधिकारी सायबर सेल के निर्देश पर जांच कार्रवाई चल रही है, और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस म्यूल अकाउंट लेयर-1 गगन अग्रवाल पिता पवन अग्रवाल निवासी महावीर वार्ड 17, प्रतापपुर रोड मार्डन स्टूडियो के सामने जनपद पारा अंबिकापुर से पूछताछ की, तो वह बताया कि अमित मिश्रा ऊर्फ पहलू निवासी सत्तीपारा उससे ठेकेदारी में मुंशी का काम कराने के नाम पर सीम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक मांगकर लिया था। बाद में उसे न तो मुंशी का काम दिया और न ही सीम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक वापस किया। मांगने पर आज-कल करके बहाना बना रहा था। पुलिस ने पाया कि आरोपी अमित मिश्रा उर्फ पहलू निवासी सत्तीपारा के द्वारा गगन अग्रवाल के सीम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक का उपयोग करके धोखाधड़ी करते हुए इनके खाता का अनाधिकृत रूप से उपयोग किया गया और रकम लेन-देन किया गया है। आरोपी अमित मिश्रा के विरूद्ध पुलिस ने अपराध दर्ज किया है और अग्रिम विवेचना कार्रवाई कर रही है। म्यूल अकाउंट धारक के विरूद्ध देश के 05 अलग-अलग राज्य में ऑनलाइन साइबर फॉड की शिकायत दर्ज की गई है। जांच में पुलिस ने पाया कि ओवरसीज बैंक खाता में सुनियोजित तरीके से अवैध धन अर्जित करने के उद्देश्य से बैंक खाते का उपयोग ऑनलाइन साइबर ठगी हेतु खाता धारक गिरोह के द्वारा किया गया है।
कोविडकाल में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दिया गया सिम बना सिरदर्द
दूसरे मामले में पुलिस ने विरेन्द्र कुमार मालाकार पिता स्व. सीताराम मालाकार 42 साल, निवासी महुआपारा थाना गांधीनगर से पूछताछ की तो सामने आया कि उसके साला का लड़का सचिन कुमार निवासी ग्राम मझियाव, जिला गढवा झारखण्ड 2016-17 में पढाई करने आया था, और उनके पास रह रहा था। कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए मोबाइल व सीम की आवश्यकता होने पर उन्होंने अपने नाम से जिओ कंपनी का सीम निकाल कर उपयोग करने के लिए दिया था, जिसका उपयोग सचिन कुमार के द्वारा उपयोग किया जा रहा है। जांच में आरोपी सचिन कुमार पिता रामचन्द्र प्रसाद माली निवासी फुण्दुरडिहारी भगवानपुर, राघवपुरी के द्वारा सीम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक का उपयोग करके धोखाधड़ी करते हुए वीरेन्द्र कुमार मालाकार के खाता का अनाधिकृत रूप से रकम लेन-देन करने में उपयोग करना पाया गया। पुलिस ने प्राप्त बैंक स्टेटमेंट का अवलोकन करने पर पाया कि आरोपी के द्वारा 26.11.2024 को कुल 23 हजार 500 रुपये बैंक खाते में प्राप्त किया है। सुनियोजित तरीके से अवैध धन अर्जित करने के उद्देश्य से बैंक खाते का उपयोग ऑनलाइन साइबर ठगी के लिए करना पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

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