ठगी का नया फंडा, मामला पुलिस तक पहुंचा सूरजपुर पुलिस ने किया मामला दर्ज
अंबिकापुर। ठगी का एक नया तरीका एनडीपीएस एक्ट के आरोपी का प्रकरण से नाम हटाने के रूप में सामने आया है। आरोपी ने जज, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी गांधीनगर के साथ ही अन्य नाम पर फोन करके सूरजपुर जिले के एक ग्रामीण से 75 हजार रुपये ऐंठ लिए। ग्रामीण को आश्वस्त किया गया था कि रुपये देने के बाद वे जेल में निरूद्ध अपने पुत्र को घर ले जा सकते हैं। रुपये लेने का सिलसिला थमने के बाद आरोपी का परिवार देर रात तक खड़े जेल के गेट में इंतजार करते रह गया, बाद में इन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक चिन्तामणी बन्जारे पिता मनोहर राम, सूरजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिरसी, चौकी बसदेई का रहने वाला है। इसके पुत्र अनिल कुमार बंजारे एवं अन्य के विरूद्ध गांधीनगर थाना में अपराध क्रमांक 445/25 अंतर्गत धारा 22 एन.डी.पी.एस. का अपराध 3 अगस्त को पंजीबद्ध करके गिरफ्तार किया है। रविवार को अवकाश होने के कारण आरोपी को 4 अगस्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात अज्ञात व्यक्ति द्वारा आरोपी युवक के संबंधियों से मोबाइल में फोन करके कहा गया… मैं अंबिकापुर गांधीनगर थाना से बोल रहा हूं, अनिल के पिता चिन्तामणी से बात कराओ। चिन्तामणि अपने घर सिरसी जाकर अपरान्ह 3.12 बजे उक्त मोबाइल नम्बर पर बात किया, जिसमें फोन करने वाले ने कहा कि अनिल बंजारे का एनडीपीएस के मामले से नाम हटाने के लिए तत्काल पुलिस अधीक्षक को 25 हजार रुपये देना है, आपका लड़का जेल से छूट जाएगा। सामने वाले के झांसे में आकर वह 4 अगस्त को च्वाइस सेंटर से पटेल जनरल स्टोर के खाते में 3.57 बजे 25 हजार रुपये डलवा दिया। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने फाइल कम्पलीट कराने के नाम पर पुन: उसी मोबाइल नम्बर से फोन करके गांधीनगर थाना टीआई के नाम पर 10 हजार रुपये और भेजने के लिए कहा। इसके बाद वह अंबिकापुर जाते समय करवां के पास ग्राहक सेवा केन्द्र, मनोज कुमार साहू के पास से 10 हजार रुपये मोहम्मद आलम के खाते में शाम को 5.8 बजे डाल दिया। अंबिकापुर पहुंचने के बाद अज्ञात व्यक्ति का एक मोबाइल नम्बर से फोन आया, जो अपना परिचय जेल अधीक्षक (जेलर) के रूप में दिया और तत्काल 15 हजार रुपये मोहम्मद आलम के खाते में डालने और अपने लड़के को जेल के गेट से आधार कार्ड दिखाकर ले जाने के लिए कहा। इसके बाद वह अपने घर सिरसी में फोन करके अवध बिहारी कुशवाहा के च्वाइश सेन्टर जय माता दी से 15 हजार रुपये पुन: मोहम्मद आलम के खाते में शाम को 6.7 बजे डलवा दिया। पुन: फोन करके जज के नाम पर 25 हजार रुपये यह कहते हुए भेजने के लिए कहा गया कि इसके बाद पैसा नहीं लगेगा। रुपये भेजने के लिए एक क्यूआर कोड भेजा गया, और 15 हजार रुपये और 10 हजार रुपये अलग-अलग खाता में डलवाने के लिए कहा गया। दोनों के खाते में रुपये भेजने के लिए वह सिरसी के कुशवाहा च्वाइस सेन्टर, शैलेन्द्र कुशवाहा को फोन करके कहा, और उक्त राशि शाम को 7.8 बजे से 7.26 के बीच अंतरित करवा दिया। इसके बाद चिन्तामणि अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहचान पत्र लेकर केंद्रीय जेल अंबिकापुर के गेट के पास घंटों इन्तजार करते रह गया, लेकिन वह नहीं आया। जेल से कई लोग बाहर आए, गए लेकिन उसके पुत्र का आना नहीं हुआ, और देर रात खाली हाथ अपने गांव सिरसी लौट गया। धोखाधड़ी एवं ठगी का एहसास होने पर वह बसदेई पुलिस चौकी जाकर घटना की जानकारी दिया। जांच के बाद पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बी.एन.एस का अपराध कायम कर लिया है।

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