कुलसचिव के आश्वासन के बाद तोड़ा क्रमिक अनशन, परीक्षा शुल्क में भी मिली राहत

अंबिकापुर। छात्रहित की मांगों को लेकर एनएसयूआई और छात्र-छात्राओं का आंदोलन रंग लाया। 26 जुलाई से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल 30 जुलाई को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव के आने और 8 सूत्रीय मांगों को लेकर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी देने के बाद समाप्त हो गई। छात्र संगठन के बैनर तले छात्र पिछले 4 दिनों से परीक्षा शुल्क, भर्ती, सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे थे। विवि ने छात्रहित में की गई 8 मांगों पर सहमति दी है।

कुलसचिव ने इन्हें लिखित में अवगत कराया है कि, परीक्षा शुल्क एवं अन्य शुल्क में आंशिक कमी के लिए 29 जुलाई को अधिसूचना जारी किया गया है। शैक्षणिक पदों की भर्ती में छत्तीसगढ़ शासन के आरक्षण नियम और रोस्टर का पालन किया गया है, यह आयुक्त, सरगुजा संभाग के द्वारा की गई जांच में भी स्पष्ट हो गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण राज्यपाल एवं कुलाधिपति के हाथों हो चुका है। वेबसाइट सर्वसंबंधितों के लिए चालू हो गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के भकुरा परिसर में अतिरिक्त सीसीटीव्ही कैमरे लगाने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक को नियमित पेट्रोलिंग और पुलिस चौकी के लिए पत्र लिखा गया है। अधूरे भवन और सड़क के लिए शासन स्तर पर मुख्यमंत्री, मंत्री और सचिव को पत्र प्रेषित किया गया है। परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने और ऑनलाइन/डिजिटल मूल्यांकन कार्य प्रारंभ किया गया है। विश्वविद्यालय में टोल फ्री/टेलीफोन नंबर शुरू करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। कुलसचिव के आश्वासन के बाद एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने अनशन समाप्त किया।

इस दौरान सरगुजा यूनिवर्सिटी के एनएसयूआई उपाध्यक्ष ज्ञान तिवारी, शिफ्तेन रजा, अभिनव काशी, एनएसयूआई अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष गौतम गुप्ता, कान्हा पटेल, आकाश पटेल, पवन सोनी, आकिब खान, रवि शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। क्रमिक भूख हड़ताल 26 जुलाई से शुरू हुई थी। छात्रहित में शुरू किए गए अनशन में पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव भी पहुंचे थे, और इनकी मांगों के संबंध में कुलपति से चर्चा की थी, जिस पर विवि प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। छात्रों का कहना है कि कागज में उल्लेखित मांगों के पूरी होने तक वे निगरानी रखेंगे।

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