रायगढ़ जिला समिति ने खारिज की आपत्ति, कहा- ग्रामसभा के प्रस्ताव को रद्द करने का अधिकार नहीं

अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को जाति प्रमाणपत्र मामले में बड़ी राहत मिली है। रायगढ़ जिला स्तरीय प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने हाईकोर्ट बिलासपुर के निर्देश पर हुई जांच के बाद उनके खिलाफ लगी आपत्ति को खारिज कर दिया है।

समिति ने अपने आदेश में कहा कि टोप्पो का जाति प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत जामबहार, रायगढ़ की ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर जारी किया गया है। समिति के पास ग्रामसभा के प्रस्ताव को अमान्य करने का अधिकार नहीं है। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता विधायक के जाति प्रमाणपत्र को फर्जी साबित करने में असफल रहा।

क्या था मामला

सीतापुर निवासी बिहारी लाल तिर्की ने वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि विधायक का जाति प्रमाणपत्र बिना सेटलमेंट के जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की जांच रायगढ़ की जिला स्तरीय छानबीन समिति को सौंपी थी। शिकायत के लंबे समय तक निराकरण न होने पर अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट ने समिति को 90 दिनों के भीतर फैसला देने का निर्देश दिया था। विधायक का जाति प्रमाणपत्र 19 सितंबर 2023 को रायगढ़ से और 2 नवंबर 2023 को एसडीएम लैलूंगा द्वारा जारी किया गया था।

दोनों पक्षों का बयान

फैसले के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि “राजनैतिक द्वेष के कारण शिकायत की गई थी। मैंने जांच में पूरा सहयोग किया। आरोप लगाने वाले वैध दस्तावेज नहीं दे सके। अंततः न्याय की जीत हुई।”

वहीं शिकायतकर्ता बिहारी लाल तिर्की ने कहा कि “हमें जिला समिति का आदेश मिल गया है। हम अब राज्य स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति में अपील करेंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं से राय ली जा रही है।” जिला स्तरीय समिति ने सामान्य प्रशासन विभाग की 2 सितंबर 2013 की अधिसूचना का हवाला देते हुए फैसला सुनाया।

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