शासकीय कर्मचारी भी हुए शिकार, कंपनी के फाउंडर सहित अन्य के विरूद्ध अपराध दर्ज
अंबिकापुर। आर.व्ही. ग्रुप स्पॉश एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड और बैंक के कर्मचारियों के माध्यम से दस्तावेजों का दुरूपयोग करके मल्टीपल लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत अंबिकापुर विकासखंड के माध्यमिक शाला कर्रा की शिक्षका ने पुलिस से की है, जिस पर केस दर्ज करके पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
गांधीनगर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गंगापुर निवासी शिक्षिका पवित्रा लकड़ा ने बताया है कि आर.व्ही. ग्रुप द्वारा स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. के नाम से तुलसी चैक, गंगापुर अंबिकापुर में किराए के मकान में नवम्बर 2022 में कार्यालय खोला गया था, इसके फाउंडर मनोज कुमार प्रधान, मनोज कुमार भगत, सुरेन्द्र सिंह करियाम, अभय गुप्ता, विष्णु प्रजापति, सुदेश एक्का सहित अन्य थे। इनके द्वारा बताया गया कि अभय गुप्ता अंबिकापुर के सभी बैंकों द्वारा डायरेक्ट सेलिंग एजेंट का कोड दिया गया है वे उनके कोड के कनेक्टर है। विभिन्न फायनेंस कंपनी एवं बैंक लगातार कार्य करने के कारण उनकी साख को देखकर लोन देते हंै। गारंटी के तौर पर वे निरंतर ईएमआई अदा कराते हंै। इन्होंने शासकीय कर्मचारियों को सभी बैंकों से कम दर पर लोन स्वीकृत कराने तथा स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. के माध्यम से लोन की 50 प्रतिशत राशि आर.व्ही. ग्रुप में निवेश करने पर बैंकों द्वारा दिए गए लोन की पूरी राशि का भुगतान किस्तों में ग्रुप द्वारा बैंकों को करने की बात कही गई। गारंटी के तौर पर पूरे लोन की राशि का मनोज प्रधान ने चेक भी दिया। इनके कार्यालय में लगे बोर्ड में एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, चोलामण्डलम, एसबीआई आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, बजाज फायनेंस, टाटा कैपिटल इत्यादि बैंकों का मोनो और नाम लिखा है। इनके झांसे में आकर वह स्वयं और गुड्डा राम बरवा, देवेन्द्र पैंकरा, भईयो एक्का, पूरन लाल, अनूप कुमार सिंह, राम प्रताप साहू, नीलम सिंह पैकरा, जगधारी, कृष्णा राजवाड़े, विनीत सिंह, प्रीति सिदार, हरीश कुमार प्रजापति, अन्ना खाखा, ज्योति कुजूर, रीना रोज तिग्गा, अनिता तिग्गा, अनिमा किरण टोप्पो, सुचित्रा कुजूर सहित 140 लोगों के नाम पर बैंकों से मिलीभगत करके प्रत्येक व्यक्ति के नाम पर एक साथ 5 से 7 बैंकों से फायनेंस करा लिया गया और फायनेंस का 50 प्रतिशत राशि आर.व्ही.ग्रुप के नाम से इण्डसइण्ड बैंक, आईडीएफसी बैंक व एएमएस साल्यूशन के नाम पर आईडीएफसी बैंक में, सुरेन्द्र सिंह के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता में व मनोज प्रधान के नाम पर कोटेक महिन्द्रा बैंक के खाता में जमा कराया गया है। सभी लोगों को पूरे लोन की राशि का चेक भी दिया गया है, कुछ चेक में फर्जी हस्ताक्षर करके कर्मचारियों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। शिक्षिका ने बताया है कि अक्टूबर 2024 से आर.व्ही. ग्रुप. स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. द्वारा लोन की किस्त देना बंद कर दिया गया, जिस कारण बैंक वाले आए दिन फोन के माध्यम से, घर जाकर व ऑफिस में आकर किस्त जमा करने के लिए बार-बार दबाव बना रहे हैं।
बिना बैंक गए हो गया लोन पास
शिक्षिका ने पुलिस को बताया है कि आर.व्ही ग्रुप द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये का लोन फर्जी तरीके से स्वीकृत कराकर लगभग 50 करोड़ रुपये अपने पास निवेश कराया और पूरे लोन का किस्त जमा कराने के नाम पर धोखाधड़ी किया गया है। शिक्षिका का आरोप है कि इस स्कैम में बैंक के कर्मचारी और मैनेजर पूरी तरह शामिल हैं, क्योंकि उनके दस्तावेज एक बैंक से दूसरे बैंक में बिना लोनधारक की जानकारी के भेजे गए। एक बैंक कर्मचारी दूसरे बैंक के कर्मचारी को सहयोग करके उनके एकाउंट की गोपनीयता को भंग किया है। बिना बैंक गए ही लोन पास कर दिया और बैंक ने बिना अनुमति के दुर्घटना बीमा एवं जीवन बीमा इंश्योरेंस कर दिया। लोन के लिए प्रेषित किए गए आवेदन में नकली हस्ताक्षर होने का भी आरोप लगा है। मामले में रायपुर एवं कांकेर जिले में भी एफआइआर दर्ज किया गया है। गांधीनगर थाना पुलिस मामले में आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 120बी और 420 का मामला कायम कर ली है।

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