एआरटीओ कर रहे विभाग के टीआई व सहयोगियों के साथ फिट-अनफिट वाहनों की जांच

अंबिकापुर। मध्यप्रदेश के गुना में यात्री बस में आग लगने से बड़ी संख्या में यात्रियों की मौत और घायल होने की बड़ी घटना सामने आने के बाद भी परिवहन विभाग के उड़नदस्ता टीम द्वारा किसी प्रकार की जांच, कार्रवाई नहीं की जा रही है। उड़नदस्ता के जिम्मेदारों का रवैया हमेशा ही नकारात्मक रहा है। ऐसे में स्वयं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सड़क पर उतरकर जांच की कमान संभालनी पड़ती है। बसों का फिट-अनफिट आंकने उच्च स्तर पर मिले निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता है, जिस कारण परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीम हमेशा सुर्खियों में रहती है। सही जांच, कार्रवाई नहीं होने के पीछे एक कारण जिम्मेदारों की जगह इनके कथित कर्मचारियों का मौजूद रहना है, जो खुद को आरटीओ बताने में भी पीछे नहीं रहते हैं।

उड़नदस्ता टीम की निष्क्रियता को देखते हुए शुक्रवार को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वयं सड़क पर आकर बसों सहित अन्य वाहनों के कागजातों व सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों की जांच करते नजर आए। अंबिकापुर-रामानुजगंज रोड में परसा के पास उन्होंने चेकिंग पॉइंट बनाया था। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक उन्होंने इस मार्ग से आने-जाने वाली यात्री वाहनों सहित बड़ी-छोटी मालवाहकों के कागजात की भी जांच की। बसों की जांच में कई प्रकार की खामियां पाई गई, इनके विरूद्ध चालानी कार्रवाई व हिदायत के बीच 12 हजार 400 रुपये की वसूली की गई। इनके साथ परिवहन विभाग के टीआई व सहयोगी भी उपस्थित थे।

अंबिकापुर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग में छह घंटे चली कार्रवाई
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सीएल देवांगन व परिवहन विभाग के निरीक्षक अनुपम पटेल ने बताया कि यात्री बसों के परमिट, कागजात, इंश्योरेंस, आरसी की जांच की गई। इसके अलावा वाहनों के वाइपर, रिफ्लेक्टर, अग्निशमन यंत्र, फस्ट-एड बॉक्स सहित अन्य जरूरी मापदंडों की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालकों को निर्देश दिए गए कि परिवहन विभाग के नियमों का पालन करते हुए बसों का संचालन करें। सामने आई कमियों को त्वरित दूर कराने कहा गया ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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