अनुविभाग स्तरीय जनदर्शन में आवेदन देकर जमीन वापस दिलाने की मांग
भैयाथान। तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़सरा के छागुर साहू ने गांव के दर्जनों किसानों की भूमि अपने नाम करा ली है, ऐसा आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। सोमवार को ग्रामीण अनुविभाग स्तरीय जनदर्शन में आवेदन देकर अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग किए।
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी भूमि को गांव के ही छागुर साहू ने कूटरचित दस्तावेजों व झूठे प्रमाण के आधार पर अपने नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। इसके पश्चात उनके द्वारा सीमांकन कराया गया, जबकि वर्षों से काबिज कास्त ग्रामीणों की भूमि रजिस्ट्री से प्राप्त है या तो पूर्वज से। अचानक राजस्व रिकॉर्ड में छागुर साहू का नाम आने से वहां के ग्रामीण काफी परेशान हंै। इसे लेकर वहां के ग्रामीण दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच और इस कारनामे में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए वास्तविक खातेदार के नाम भूमि दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण पुनने लाल ने बताया कि मेरी भूमि बड़सरा में खसरा नंबर 258 रकबा लगभग एक एकड़ 40 डिसमिल है। 45 वर्ष पूर्व गांव के ही ददई राम से खरीदे थे, उक्त भूमि पर वे तब से काबिज कास्त हैं। माह जून में हुए सीमांकन के दौरान पता चला कि खरीदी हुई भूमि में बटांकन के पश्चात छागुर साहू का नाम दर्ज हो गया है, जबकि उसके परिवार के द्वारा अभी तक कोई भी भूमि विक्रय नहीं किया गया है। शिवलाल साहू ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी रैमत बाई के नाम लगभग 30 वर्ष पूर्व 36 डिसमिल जमीन छागुर साहू के पिता से खरीदकर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराया था। हाल में हुए सीमांकन से यह पता चला कि उक्त भूमि छागुर साहू के नाम दर्ज हो गई है। उक्त भूमि अगर पूर्ववत होती तो छागुर साहू के अन्य भाइयों का नाम भी रिकार्ड में दर्ज होता। इससे स्पष्ट है कि कूटरचित दस्तावेजों के सहारे उनकी पत्नी के नाम की भूमि को विलोपित कराकर अपने नाम करा लिया गया है। रामलाल ने बताया कि स्टेट हाईवे से लगा लगभग 75 डिसमिल भूमि छांगुर साहू ने अपने नाम करा लिया है। इस दौरान सुनील साहू, रामु गोस्वामी, रामहित साहू, करमन सिंह, बाबूलाल चक्रधारी, राम साहू, शिवलाल साहू, सालिक राम साहू, राजेन्द्र सारथी, संखलाल चक्रधारी, रामबली यादव, प्रमिला यादव सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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