शहर के करीब हाथियों के पहुंचने से ग्रामीण घर छोड़कर रतजगा कर रहे
वन अमला मौके पर डटा, मृतक के स्वजन को दी गई तात्कालिक सहायता राशि
अंबिकापुर। शहर के करीब शावकों के साथ पहुंचे दो दर्जन से अधिक हाथियों के दल ने भोपाल मध्य प्रदेश निवासी एक व्यक्ति को मौत की नींद सुला दिया, वहीं कुछ ग्रामीणों के घरों को तोड़ते हुए फसलों को चौपट कर दिया। सोमवार की रात रहवासी इलाके से होते शहर से लगे ग्राम पंचायत खैरबार, अमेराडुगु, बधियाचुआं तक हाथियों का दल पहुंचने से दहशत में आए ग्रामीण अपने घरों से निकलकर सड़क पर आ गए। कौतूहलवश हाथियों को देखने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इधर हाथियों के शहर के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इनके द्वारा ग्रामीणों को सतर्क करते हुए रिहायशी क्षेत्र से हाथियों को दूर करने का प्रयास किया गया। वन विभाग की टीम जंगल की ओर हाथियों को ले जाने के प्रयास में लगी है।
बता दें कि सरगुजा वनमंडल अंतर्गत लुण्ड्रा परिक्षेत्र के लालमाटी बीट के जंगल में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वनमंडलाधिकारी सरगुजा ने बताया कि 14 अक्टूबर, मंगलवार को लालमाटी वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का दल घूम रहा था। वन कर्मचारियों द्वारा बार-बार चेतावनी और रोकने के बावजूद कुछ व्यक्ति हाथियों को देखने एवं फोटो खींचने के उद्देश्य से जंगल के भीतर चले गए। इसी क्रम में वर्तमान में अंबिकापुर में रहने वाला राजकुमार नायक पिता चंदू नायक 23 वर्ष, निवासी भोपाल मध्य प्रदेश पर हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना में उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पुलिस विभाग एवं मृतक के स्वजन को दी गई। वन अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर आवश्यक अग्रिम कार्रवाई करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किए। वन विभाग द्वारा शासन के निर्देशानुसार मृतक के स्वजन को तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रुपये प्रदान किया गया है। हाथियों ने ग्राम अमेराडुगु में 2 ग्रामीणों के घरों को तोड़ने के साथ धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वन कर्मचारियों के द्वारा हाथियों के द्वारा बड़ी जन-धन की हानि को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हाथियों से ग्रामीणों की दूरी बनी रहे, इसके लिए ताकत झोंकने के बाद भी युवक की मौत से ग्रामीण सहमे हुए हैं। वन विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप भी कुछ लोगों के द्वारा लगाया जा रहा था। हालांकि वन अमला आसपास के गांवों में हाथियों के उपस्थिति की जानकारी लगातार देने के साथ जंगली हाथियों से दूरी बनाए रखने हेतु लाउड सिस्टम से आगाह कराया जा रहा है।
वन्यजीवों के आगे नहीं जाने की अपील
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि जंगली हाथी या अन्य वन्यजीवों के नजदीक न जाएं, उनके साथ फोटो या वीडियो लेने का प्रयास न करें। यह न केवल खतरनाक है बल्कि जीवन के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। सरगुजा वनमंडल द्वारा जंगली हाथियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों को समय-समय पर सचेत किया जा रहा है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
स्कूल से 200 मीटर की दूरी पर नजर आया हाथी
हाथियों के दल के ग्राम खैरबार, बधियाचुआ, मिरगाडांड़, मानिकप्रकाशपुर एवं कांतिप्रकाशपुर क्षेत्र में सक्रिय रूप से विचरण करने की सूचना मिलनेे पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा के निर्देशानुसार संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी एवं सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर प्रदीप राय, बीआरसी संजीव कुमार भारती एवं संकुल समन्वयक कांतिप्रकाशपुर प्रकाश सोनी ने प्रभावित क्षेत्रों के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला बधियाचुआं, प्राथमिक शाला तुरियापारा, प्राथमिक शाला मिरगाडांड़, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला मानिकप्रकाशपुर का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान हाथियों का दल प्राथमिक शाला मिरगाडांड़ से लगभग 200 मीटर की दूरी पर लुचकी घाट क्षेत्र में देखा गया।
विद्यालयों के संचालन में बरतें सावधानी
विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समस्त शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि जो भी छात्र विद्यालय पहुंच चुके हैं, उन्हें सुरक्षित रूप से घर वापस भेजा जाए। विद्यालय आने-जाने के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता बनी रहती है, तब तक विद्यालय के संचालन में सावधानी बरती जाए। सतर्कता अभियान का उद्देश्य हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। जिला शिक्षा विभाग इस विषय में वन विभाग व स्थानीय प्रशासन से लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखे हुए है।

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