सूरजपुर/प्रतापपुर। जिले में फिर से एक हाथी की मौत का मामला सामने आया है। वन विभाग के मुताबिक हाथी की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि उसे करंट देकर मारा गया था। आरोपियों ने अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए पहले हाथी के शव को टुकड़ों में बांटकर छिपा दिया। मामला रमकोला वन परिक्षेत्र का है। हाथी की हत्या से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। हाथी के शव बरामद करने की कार्रवाई विभाग ने शुरू कर दी है। विभाग इस बात की तहकीकात कर रहा है कि हाथी की हत्या किस मकसद से की गई थी, उसके कौन-कौन से अंग सुरक्षित हैं।

युवक को सूंड में लपेटकर पटका हाथी, मौत
27 हाथियों का दल गन्ने की फसल को रौंदकर किया बर्बाद  
दूसरी ओर सोमवार की सुबह सात बजे क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के दल के एक सदस्य ने एक 35 वर्षीय युवक को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के ग्राम बैकोना, सौंतार व बांक नदी के बीच 27 हाथियों का दल रविवार की मध्यरात्रि से विचरण कर रहा है। हाथियों का यह दल किसानों के गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। अपनी गन्ने की फसल को बचाने के लिए किसान रात से ही हाथियों के दल को अपने स्तर पर दूर खदेड़ने का प्रयास कर रहे हंै, परंतु गन्ने के खेतों में मौजूद हाथियों का दल टस से मस नहीं हो रहा था और लगातार गन्ने की फसल को बरबाद कर रहा था। किसान थक-हार कर अपने घरों को लौट गए। सुबह होने पर किसान गन्ने के खेतों में डटे हुए हाथियों के दल को फिर से खदेड़ने के प्रयास में लग गए, तभी अचानक एक हाथी सेेे बैकोना के करसीहापारा निवासी शिवमंगल पैकरा 35 वर्ष का सामना हो गया। हाथी को सामने देखकर वह अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया पर हड़बड़ाहट में वह नीचे गिर गया। इसके बाद हाथी उसे सूंड से उठाकर पटक दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही आनन-फानन में बैकोना निवासी भाजपा नेता थउला राम अन्य ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर लेकर पहुंचे। घायल युवक को उपचार मिल पाता, इसके पहले उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पत्नी व तीन नाबालिग बच्चे भी हैं, जो पिता की असमय मौत होने के कारण बेसहारा हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल अभी भी वहीं जमा हुआ है और लगभग 10 से 12 किसानों के गन्ने की लाखों रुपये की फसल को खाकर चौपट कर चुका है। इधर वन विभाग की टीम हाथियों के दल को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में लगी हुई है। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग मृतक से संबंधित जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में लगा हुआ था। अभी भी हाथियों का दल बैकोना और सौतार के बीच डटा हुआ है।

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