अंबिकापुर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर अंबिकापुर को फोरलेन सड़क से जोड़ने की मांग की है। सौंपे ज्ञापन में उल्लेखित है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश वाराणासी एवं नागपुर दो महत्वपूर्ण शहरों के मध्य स्थित है। दोनों शहरों का महत्व अनेकानेक कारणों से छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अत्यधिक है। नागपुर से वाराणासी की दूरी लगभग 935 किलोमीटर है। नागपुर से रायपुर एवं बिलासपुर होते हुए कटघोरा तक तथा रेनुकुट (हाथी नाला) से वाराणासी तक 4 लेन सड़क बनी हुई है। कटघोरा से रेनुकुट (हाथी नाला) की दूरी लगभग 270 किलोमीटर है, यहां 4 लेन सड़क नहीं है एवं संपर्क अत्यंत असुविधाजनक है। यदि भारत माला परियोजना या अन्य योजनाओं के तहत कटघोरा से रेनुकुट (हाथी नाला) तक 4 लेन सड़क का निर्माण कर दिया जाए, तो वाराणासी उत्तर प्रदेश से रेनुकुट होते हुए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, बिलासपुर-रायपुर दुर्ग-राजनांदगांव से नागपुर शहर (महाराष्ट्र) 4 लेन एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा। फोरलेन के संदर्भ में मुख्यमंत्री से चर्चा में उन्होंने कहा कि रायपुर से अंबिकापुर होते हुए वाराणसी तक फोरलेन सड़क से जुड़ना, व्यापक जनहित में सरगुजा क्षेत्र के विकास में क्रांतिकारी कदम होगा। उक्त स्वीकृति से छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के मध्य बहुआयामी विकास के मार्ग भी खुलेंगे। प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणासी से नागपुर के मध्य छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य सरगुजा संभाग अंतर्गत राम वन गमन के कई महत्वपूर्ण स्थल आते हैं। रामगढ़, शिवपुर, महेशपुर, सीता बेंगरा, मैनपाट, रतनपुर की महामाया, डोंगरगढ़ जैसे प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटक स्थलों को भी यह मार्ग जोड़ेगा। व्यापार, संस्कृति, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विषयों में तीनों प्रदेश के लोग लाभान्वित हो सकेंगे। जनहित को देखते हुए उन्होंने रायपुर को वाराणसी तक 4 लेन सड़क से जोड़ने के लिए कटघोरा से अंबिकापुर होते हुए उत्तर प्रदेश के रेनुकुट (हाथी नाला) तक 4 लेन सड़क (एक्सप्रेस वे) के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। इस दौरान पूर्व सांसद कमलभान सिंह भी मौजूद रहे।

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