पुलिस ने पति, सास सहित पांच लोगों के विरूद्ध केस दर्ज किया

गिरिजा ठाकुर 

अंबिकापुर। दहेज में रुपये, कार, जेवर जैसे सामानों की मांग तो करते सुना होगा, लेकिन कोई दहेज में पैथोलैब की मांग करे तो अटपटा प्रतीत होता है। जी हां… ऐसा वाक्या सरगुजा जिला में सामने आया है। पैथोलैब की मांग पूरी नहीं होने पर नवविवाहिता को न सिर्फ ससुराल पक्ष के लोगों से प्रताड़ित होना पड़ा बल्कि उसे ससुराल में ही नकाबपोशों ने देर रात पकड़कर जबरन जहर पिलाया और भाग गए। यही नहीं विवाह हुए दो वर्ष नहीं हुए हैं, दहेजलोभियों ने गले में पहने मंगलसूत्र व अन्य जेवरातों को अपने पास रख लिया और उसे घरेलू कपड़े में मायके का रास्ता दिखा दिया। नवविवाहिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने पति, सास सहित पांच लोगों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

सरगुजा के ग्राम कुनकुरी खुर्द, पेंट मैनपाट की डिम्पी गुप्ता ने महिला थाना पुलिस को बताया कि वह लैब टेक्निशियन का कोर्स की है। वर्तमान में अपनी छोटी बहन के साथ किराए के मकान में दर्रीपारा में रहती है। उसका विवाह 28 अप्रैल 2022 को सीतापुर निवासी अभिषेक गुप्ता के साथ हुआ है। शादी के समय पति अभिषेक गुप्ता, सास मधु गुप्ता, डेढ़ सास रूबी गुप्ता व कविता गुप्ता, नन्दोई श्याम गुप्ता के मंशानुरूप तीन लाख रुपये एवं घरेलू उपयोग का सामान उसके माता-पिता दहेज में दिए थे। शादी के दो-तीन माह बाद पति और सास ने मायके में संचालित पैथालाजी जांच के लैब को मांगने के लिए कहा। लैब की मांग पूरा करने के लिए वे नवविवाहिता पर दबाव बनाने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इनका कहना था जब तक मायके वाले लैब नहीं देंगे, तब तक उसका ससुराल में रह पाना मुश्किल है। नवम्बर 2022 में पति ने उसके साथ मारपीट की, इसकी जानकारी वह अपने भाई और पिता को दी। समझाइश के बाद भी इनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया और दिसंबर माह में ससुराल में कम्बल से ढककर मारने की कोशिश की गई। मार्च 2023 में पहली होली के समय उसे मायके छोड़ने के बाद कोई लेने नहीं आया। इसे लेकर दोनों पक्ष के बीच सामाजिक बैठक हुई, इस बीच पति अभिषेक गुप्ता ने अपने साला मयंक गुप्ता के साथ मारपीट करने का प्रयास किया। जून माह में अभिषेक माफी मांग कर पत्नी डिम्पी को मायके से साथ ले गया। कुछ माह तक सबकुछ ठीक रहा, पुन: जनवरी 2024 में पति के द्वारा की गई मारपीट से वह गिर गई और पेट दर्द, रक्तस्राव शुरू हो गया। इलाज के बाद तबियत में सुधार होने पर 23 जनवरी 2024 को उसे यह कहते हुए मायके पहुंचा दिया गया कि लैब के बारे में अंतिम फैसला लेकर ही वापस आना। काफी बातचीत के बाद अभिषेक गुप्ता 05 फरवरी को कार से पत्नी को साथ लेकर गया, लेकिन रास्ते भर उसे धमकाते रहा। चार दिन बाद 10 फरवरी को रात एक बजे करीब जब वह अपने पति को बताकर कमरे के बाहर आंगन में बाथरूम के लिए निकली, तो चेहरा बांधे दो लोग उसे पीछे से पकड़ कर जबरन जहर पिला दिए और भाग गए। जब वह चिल्लाई तो पति, सास, दोनों डेढ़सास आए। काफी कहने पर उसे सीतापुर में एक अस्पताल लेकर गए। यहां ईलाज नहीं होने पर वह अपने भाई संदीप गुप्ता को बुलाई। थाना सीतापुर में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ पृथक से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भाई उसे सीतापुर के शासकीय अस्पताल ले गया, यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंबिकापुर के लिए रिफर किया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 12 फरवरी को ससुराल वालों ने गले में पहने मंगलसूत्र को उतरवा लिया और बाकी गहने स्वयं रखकर उसे नाइटी में ही घर से निकाल दिया। रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस ने आरोपितों के विरूद्ध धारा 498-ए का मामला दर्ज कर लिया है।

Categorized in: