आरोपी महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल से महिला प्रहरी को चकमा देकर हुई थी फरार

   
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से फरार केंद्रीय जेल में निरूद्ध विचाराधीन महिला बंदी और उसके पति को कोतवाली थाना पुलिस ने साढ़े चार माह बाद बलरामपुर जिला के चांदो से गिरफ्तार कर लिया है। महिला एनडीपीएस के मामले में केंद्रीय जेल में निरूद्ध थी, जिसे न्यायालय से अनुमति लेकर पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए 30 मई 2025 की शाम को अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। 31 मई, शनिवार को उसका ऑपरेशन होना था, इसके पहले वह महिला जेल प्रहरी को चकमा देकर फरार हो गई थी। केंद्रीय जेल में तैनात महिला प्रहरी की रिपोर्ट पर मणीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। वहीं पुलिस को फरार महिला के पति की भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में तलाश थी। कई बार घर सहित अन्य ठिकाने में दबिश देने के बाद भी दोनों का पता नहीं चल रहा था। इधर फरार दंपती के द्वारा अवैध कब्जा करके बनाए गए ठिकाने को बुलडोजर चलाकर प्रशासन की टीम ने जमींदोज करवा दिया था।
जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खैरबार में हाईस्कूल के सामने रहने वाली आरती सोनी पति मनोज सोनी को दरिमा थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था। न्यायालय में पेश करने के बाद 12 अप्रैल 2025 को पुलिस ने उसे केंद्रीय जेल अंबिकापुर में परिरूद्ध किया। पथरी की शिकायत पर जेल चिकित्सक के परामर्श अनुसार उसका जांच मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया। शनिवार 31 मई को पथरी का ऑपरेशन करने के लिए तिथि सुनिश्चित करने पर न्यायालय से अनुमति लेकर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड के बेड नंबर 21 में, 30 मई की शाम को भर्ती कराया गया था। वार्ड में अन्य सामान्य महिलाएं भी भर्ती थीं। महिला बंदी की देखरेख के लिए महिला जेल प्रहरी साधना एक्का रात्रि 10 से 2 बजे तक ड्यूटी में तैनात थी। जेल प्रहरी की 4 घंटे की ड्यूटी पूरी हो पाती, इसके पहले देर रात 1 से 2 बजे के बीच मौके के ताक में लगी आरती सोनी फरार हो गई। इसकी सूचना रात में ही जेल प्रहरी साधना एक्का ने महिला गार्ड इंर्चाज फ्लोरा लकड़ा व जेल गेट में दी थी। देर रात से सुबह तक चली खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद घटना की लिखित सूचना जेल प्रहरी साधना एक्का नेे मणिपुर थाना में दी, जिस परे पुलिस ने महिला बंदी के विरूद्ध बीएनएस की धारा 262 का मामला कायम किया था। फरार विचाराधीन महिला बंदी के तलाश में लगी पुलिस ने उसके खैरबार स्थित घर के अलावा संबंधित अन्य ठिकानों में दबिश दी, लेकिन उसका पता नहीं चला। हाल में कोतवाली पुलिस को फरार दंपती के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम, सोमवार को देर शाम दबिश देकर चांदो से इन्हें गिरफ्तार कर ली। आरोपी दंपती अंबिकापुर से फरार होने के बाद चांदो बाजार के पास किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली शशिकान्त सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक अभिषेक दुबे, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, महिला आरक्षक पूनम, आरक्षक विकास मिश्रा, देवेंद्र पाठक, ओमप्रकाश गुप्ता सक्रिय रहे।
नशे के कारोबार से नहीं छूट रहा था मोह
कोतवाली थाना अंतर्गत खैरबार में रहने वाला मनोज सोनी और उसकी पत्नी आरती सोनी अन्य सहयोगियों के साथ लंबे समय से नशे के अवैध करोबार में संलिप्त रहे। खैरबार इलाके में इनके कारण नशेड़ियों का जमघट लगे रहता था। इनके मकान के सामने हाईस्कूल होने के कारण स्कूली बच्चों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा था। आरोपी दंपती के विरूद्ध कई बार पुलिस कार्रवाई की, लेकिन अवैध कारोबार से इनका मोह नहीं छूट रहा था। अस्पताल में भर्ती एनडीपीएस की आरोपिया के फरार होने के बाद करीब एक माह तक पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए हाथ-पांव मारती रही, लेकिन दोनों पति-पत्नी का पता नहीं चल रहा था।
कार में मिला था नशीला इंजेक्शन
अंबिकापुर शहर सहित आस-पास के इलाके में पड़ोसी राज्यों से अवैध मादक पदार्थ लाकर खपाने वाले आरोपी मनोज सोनी के एक सहयोगी विक्रम गढ़वाल पिता रूपसाय गढ़वाल 40 वर्ष, निवासी खैरबार पुराना पंचायत भवन के पास को पुलिस ने 210 नग नशीले इंजेक्शन के साथ पूर्व में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि नशीली इंजेक्शन के कारोबार का मुख्य सप्लायर मनोज सोनी है। इसके बाद मनोज सोनी फरार हो गया था। इधर दरिमा थाना पुलिस ने नशीला इंजेक्शन बिक्री करने के मामले में कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी आरती सोनी 35 वर्ष को ग्राम ससकालो थाना दरिमा स्थित ठिकाने से 12 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था। महिला अल्टो कार क्रमांक सीजी 15 एसी 4978 की डिक्की में नशीला इंजेक्शन रखकर अपने घर के पास नशेडियों को बिक्री कर रही थी। पुलिस ने उसे धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट का मामला कायम करके जेल भेजा था।
अवैध मकान पर चला था बुलडोजर
नशे के अवैध करोबार में मनोज सोनी पिता रामजी सोनी 40 वर्ष निवासी खैरबार रोड और उसकी पत्नी आरती सोनी की लम्बे समय से संलिप्तता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया था। इधर एनडीपीएस के मामले में विचाराधीन बंदिनी और उसके पति के फरार रहने की स्थिति में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया, ताकि ऐसे कारोबार में संलिप्त लोगों को सबक मिले। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर को इनके दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित घर के वैधता की जांच कर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था। इस पर कलेक्टर ने उल्लेखित संपत्ति की जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत की संपत्ति अवैध पाई गई, और प्रशासन, पुलिस की संयुक्त टीम की मौजूदगी में अवैध मकान को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया।

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