बेमेतरा। शासकीय स्कूल का नाम जब भी हम सुनते हैं, तो हमारे मन में बहुत ही ख़राब छवि सामने आती है जिसमें अव्यवस्था, संसाधनों की कमी और लापरवाही दर्शित होता है। परंतु बेमेतरा जिले के एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है जिसने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। यूं तो यह स्कूल सरकारी है पर यहां की व्यवस्था, सुविधाएं और शिक्षा का स्तर किसी प्रतिष्ठित निजी स्कूल को टक्कर देता है। यह बदलाव यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की सोच से आई है, शिक्षकों की सोच का नतीजा है कि एक सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

बेमेतरा जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर स्थित शासकीय स्कूल महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खण्डसरा के शिक्षकों ने कुछ अलग करने के जज्बे से अलहदा बन गया है। पिछले 6 सालों से उनकी मेहनत से आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल मिसाल बन गया है।

स्कूल में है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी और ई-लर्निंग की व्यवस्था
शासकीय महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक के कुल 575 बच्चे पढ़ते हैं. यहां बच्चों के लिए सर्व सुविधायुक्त एक लाइब्रेरी है, जिसमें स्टूडेंट्स के विषय से संबंधित पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध हैं। यही नहीं, बच्चे लाइब्रेरी रूम में कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं।

कंप्यूटर के माध्यम से बच्चों को दी जा रही है प्रोफेशनल शिक्षा
व्यावसायिक शिक्षा से बच्चों को जोड़ने के लिए स्कूल में आईटी व एग्रीकल्चर विषय की पढ़ाई कराई जा रही है। आज के दौर में जहां पर कंप्यूटर शिक्षा का विशेष महत्व है, इसके लिए स्कूल में अलग से आईटी रूम की स्थापना की गई है, ताकि कंप्यूटर के माध्यम से बच्चे नई तकनीक और नई चीजों को सीख सके और आगे बढ़ सके।

स्कूल के सभी क्लासरूम में लगे है सीसीटीवी
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शासकीय स्कूल के सभी कमरों को सीसीटीवी से लैस किया गया है, शैक्षणिक कार्यों का सही ढंग से संचालन हो सके और एक जगह से बैठकर उसका मॉनिटरिंग हो सके, इसके लिए सभी क्लासरूम में सीसीटीवी लगाया गया है ताकि बच्चों और शिक्षकों के शिक्षण कार्यो की मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें दिशा-निर्देश भी दिया जा सके।

नई तकनीक की जानकारी के लिए बनाया गया है LED टीवी वाला क्लास रूम
शासकीय स्कूल में बच्चों के लिए एलईडी टीवी वाला एक क्लास रूम भी बनाया गया है ताकि ऑनलाइन की पढ़ाई भी बच्चों को कराई जा सके, जिसमें देश और विदेश के टीचर्स उसे पर जुड़ते हैं। इससे बच्चों को नई शिक्षा नीति व नई तकनीक की जानकारी मिलती है। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए विषय चुनने की जानकारी भी दी जाती है।

पालक समिति भी करती है हर महीने शासकीय स्कूल मॉनिटरिंग
गौरतलब है पालक समिति की ओर से हर महीने शासकीय स्कूल मॉनिटरिंग की जाती है। यहां अध्यापन कर रहे शिक्षक कम संसाधनों के बावजूद शासकीय स्कूल को प्राइवेट स्कूल की तरह बनाने का प्रयास करते रहे हैं, जिससे एक सरकारी स्कूल की सूरत बदलने में मदद मिली है। इसका ही नतीजा है कि यहां के बच्चे अच्छे कॉलेज में जाकर एडमिशन ले रहे हैं।

 

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