20 डिसमिल की जगह 3.14 एकड़ जमीन की कराई थी रजिस्ट्री

अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम भिट्ठीकला के महुआटिकरा निवासी बेवा से आरोपियों ने किया था फर्जीवाड़ा

कलेक्टर ने शिकायत की जांच के बाद तहसीलदार को एफआईआर दर्ज कराने के दिए थे निर्देश

अंबिकापुर। अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम भिट्ठीकला के महुआटिकरा की एक विधवा महिला से उसकी 20 डिसमिल जमीन का सौदा कर 6 लोगों ने 3.14 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी। इसकी शिकायत महिला ने एक माह पूर्व कलेक्टर से की थी। कलेक्टर ने मामले की जांच कराई तो बेशकीमती जमीन का धोखे से रजिस्ट्री कराना सामने आया। इस पर कलेक्टर अजीत वसंत ने सभी 6 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने अंबिकापुर तहसीलदार को निर्देशित किया था। लेकिन इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। यह कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाने जैसा है।

ग्राम भिट्ठीकला के महुआटिकरा निवासी बेवा सावित्री यादव पति स्व. बंधन यादव ने जून के पहले सप्ताह में कलेक्टर से शिकायत करके बताया था कि उसके स्वामित्व एवं आधिपत्य की भूमि ग्राम भिट्ठीकला स्थित खसरा क्रमांक 782, 783 एवं 790, कुल रकबा 1.271 हेक्टेयर है। उक्त भूमि में से मात्र 24 डिसमिल भूमि का सौदा रायपुर निवासी पुष्पा अग्रवाल पति अनिल अग्रवाल के साथ 3 लाख प्रति डिसमिल की दर से कुल 72 लाख रुपये में तय हुआ था। महिला ने बताया था कि पुष्पा अग्रवाल ने अन्य आरोपियों के साथ षड्यंत्र कर 15 मई को उसकी पूरी जमीन 1.271 हेक्टेयर (लगभग 3.14 एकड़) की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली।

एसडीएम को दिए थे जांच के निर्देश

बेवा महिला की शिकायत पर कलेक्टर ने तहसीलदार एवं एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में यह बात सामने आई कि बिक्री के लिए केवल 24 डिसमिल जमीन का ही सौदा हुआ था, लेकिन बेवा की पूरी जमीन 3.14 एकड़ का ऑनलाइन प्रक्रिया से रजिस्ट्री करा ली गई।

6 लोगों के विरूद्ध होना था एफआईआर

मामले की जांच के बाद अंबिकापुर एसडीएम ने कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन सौंपा था। इसमें कहा गया कि बेवा सावित्री यादव के स्वामित्व की भूमि का पंजीबद्ध विकय पत्र पिछले 12 मई को कूटरचित निष्पादित कराया जाना पाया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने आरोपी रायपुर के कोटा रोड मालती लाइफ महोबा बाजार निवासी पुष्पा अग्रवाल पति अनिल अग्रवाल, सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाड़े पिता प्रभु, जीतन विश्वकर्मा, आशीष उर्फ बाबा एवं दस्तावेज लेखक कमर कादरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।

20 दिन बाद भी एफआईआर नहीं

कलेक्टर द्वारा एफआईआर का आदेश जारी किए 20 दिन से अधिक हो चुका है। इसके बाद भी अब तक उक्त 6 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। बताया जा रहा है कि फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने में रसूखदारों का नाम सामने आ रहा है। इस वजह से अब तक अपराध दर्ज नहीं किया गया है। वहीं सोशल मीडिया में इस बात की भी चर्चा है कि बेवा की जमीन वापस करने की कवायद आरोपियों द्वारा की जा रही है।

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