अंबिकापुर। केन्द्रीय जेल अंबिकापुर 17 मार्च को जांच के दौरान बैरक से मिले मोबाइल व गांजा के बाद से सुर्खियों में है। मामले में जेल अधीक्षक ने गुरुवार को 4 जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। शुक्रवार को कलेक्टर विलास भोस्कर व पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल औचक जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जेल की स्थिति सामान्य है। जेल के बैरक में आपत्तिजनक सामान मिलने के मामले में उन्होंने कहा कि जांच चल रही है।
बता दें कि बीते 17 मार्च को जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने केंद्रीय जेल के बैरकों की जांच की, तो वहां कई प्रतिबंधित सामान मिले थे। जांच के दौरान सूरजपुर में हुए दोहरा हत्याकांड के कुख्यात आरोपी कुलदीप साहू के बैरक के टॉयलेट में मोबाइल व गांजा मिला था। इसी बैरक में दुर्ग का कुख्यात बदमाश दीपक नेपाली भी रहता है, जो महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामले में रायपुर के जेल से अंबिकापुर सेंट्रल जेल में 4 माह पहले लाकर शिफ्ट किया गया है। ऐसे कुख्यात बदमाशों के बैरक में मोबाइल व गांजा किस माध्यम से पहुंचा, इसकी जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जेल अधीक्षक ने गुरुवार को 4 जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित जेल प्रहरियों में प्रहरी भूपेन्द्र अयाम, नरेंद्र वर्मा, अरूण कश्यप के अलावा एक अन्य शामिल है।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
कलेक्टर विलास भोसकर एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने शुक्रवार को केन्द्रीय जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में बंदियों हेतु उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। पुरुष बैरक, महिला बैरक, मुलाकात कक्ष, किचन, कला उद्योग शाखा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, शौचालयों की स्थिति और साफ-सफाई का अवलोकन किया गया। जेल में कला उद्योग शाखा में संचालित गतिविधियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने वस्तुओं और निर्माण प्रक्रिया, प्रशिक्षण एवं विक्रय के बारे में जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जेल में बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा सहित दी जाने वाली अन्य सुविधाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

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