पश्चिम विक्षोभ व झारखंड के ऊपरी हिस्सों में बने चक्रवात का असर सरगुजा संभाग मे
अंबिकापुर। पिछले कुछ दिनों से कड़ी धूप के कारण जहां लोग गर्मी से बेचैन रहे, वहीं शुक्रवार को सरगुजा संभाग में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच हल्की बूंदा-बांदी के साथ बारिश होते रही। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं हल्की, गुलाबी ठंड का एहसास लोगों ने किया। बलरामपुर जिला के लहसुनपाठ सहित अन्य पाट इलाके में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, जिससे यहां का नजारा शिमला जैसा हो गया। ओला गिरने के बाद लोग घरों से बाहर निकले और सड़क पर बिछी ओले की चादर में जमकर मस्ती की। इधर सरगुजा जिले में सुबह साढ़े 11 बजे से बारिश शुरु हो गई। आधे घंटे तक बारिश के बाद दोपहर से शाम तक बूंदाबादी होते रही।
सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिला स्थित लहसुनपाठ क्षेत्र में सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच जमकर ओले गिरे। मैनपाट में भी ओलावृष्टि हुई। ओलों के कारण सड़क, खेत खलिहान व घरों की छतों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। इससे यहां का नजारा शिमला जैसा रहा। ओलों की बारिश की वजह से किसानों को खासा नुकसान पहुंचा। खेतों में लगी गेहूं, मक्का, चना व सब्जी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा आम, महुआ, लिची के फलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ व झारखंड के ऊपरी हिस्सों में बने चक्रवात का असर सरगुजा संभाग में देखा जा रहा है। एक-दो दिनों तक मौसम के इसी तरह रहने की उम्मीद है। जगह-जगह बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इस दौरान तेज गरज के साथ वज्रपात की भी संभावना है।
अंबिकापुर में 2.9 मिमी बारिश
अंबिकापुर में मौसम सुबह से ही खराब रहा। हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर करीब 12 बजे तेज हवा के साथ बारिश हुई। 20 मिनट की बारिश में ही जगह-जगह शहर की सड़कों में जल-जमाव की बन गई। मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर में कुल 2.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया है। गर्मी से लोगों को राहत मिली है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार का अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम 21.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि इससे पूर्व अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री के करीब रहा।
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मौसम के करवट बदलने से रामगढ़ पहाड़ में धधक रही आग बुझी
उदयपुर। मौसम के करवट लेने से हुई बारिश के बाद रामगढ़ पर्वत में लगी आग बुझ गई है। पुरातत्व धरोहर स्थल रामगढ़ में एक हफ्ते से ज्यादा हो गए, आग वीभत्स रूप ले ली थी। आग बुझाने के सारे प्रयास विफल हो रहे थे। जब से रामगढ़ पहाड़ी में आग लगा था, वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने के लिए ताकत झोंक रहे थे, लेकिन आग दावानल का रूप ले लिया था। विकासखंड मुख्यालय उदयपुर के साथ ही केदमा, लक्ष्मणगढ़, डाड़गांव, सलका में अच्छी बारिश हुई के साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी खबर है।
सरगुजा में शुक्रवार को मौसम ने करवट लेना प्रारंभ किया, इसके बाद बारिश होने लगी। इससे बड़ी राहत उदयपुर के वन विभाग को मिली है। पुरातत्व स्थल रामगढ़ की पहाड़ी में लगी जिस आग को बुझाने का जतन लगभग एक सप्ताह से चल रहा था, उसे प्रकृति ने ही शांत किया। तापमान बढ़ोतरी के बीच मार्च के प्रथम सप्ताह में उदयपुर वन परिक्षेत्र के जंगल-पहाड़ में आग का वीभत्स नजारा देखने को मिल रहा था। बहरहाल आग बुझने से जंगल-पहाड़ में रहने वाले वन्य जीवों को भी राहत मिली है।
ट्रेक्टर नदी के बीचों-बीच फंसा
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भारी बारिश के बीच अचानक रेण नदी का उफान बढ़ने से ग्राम केदमा में एक ट्रैक्टर नदी के बीचों-बीच फंसकर जलमग्न होने की स्थिति में आ गया। ट्रैक्टर में सवार लोग खुद को सुरक्षित करने ट्रैक्टर को नदी में ही छोड़कर किनारे चले गए।

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