बेखौफ कोयला चोरों द्वारा लगाया जा रहा कोयला मंडी
बिश्रामपुर। करीब 6 वर्षों से बंद पड़े अमेरा खुली खदान में खदान शुरू होते ही कोयला चोरों की लाटरी लग गई है। यहां रोज चार से पांच सौ की संख्या में महिला, पुरुष के अलावे बच्चे बूढ़े पहुंचकर रोजाना बड़ी मात्रा में कोयला चोरी कर ले रहे हैं, जिससे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों के खदान के फेस में पहुंचने से कोयला चोरी करने के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका सदैव बनी रहती है। कोयला चोरी रोकने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा दर्जन भर हथियार बंद जवानों की खदान परिसर में तैनाती भी की गई है। बावजूद इसके कोयला चोरी थमने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारी के अनुसार एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र अंतर्गत करीब 6 वर्षों से बंद पड़े लखनपुर थाना क्षेत्र के अमेरा खदान के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का आधिपत्य नहीं मिल पाने से उक्त खदान पूरी तरह से बंद पड़ी थी।प्रबंधन ने खदान को फिर से शुरू कराने अपने पूरे संसाधनों को झोंक दिया तब जाकर खदान से गत दिनों  नववर्ष 1 जनवरी से कोयला उत्पादन शुरू हो सका है, लेकिन अब खदान से रोजाना हो रही कोयला चोरी से प्रबंधन की मुसीबत बढ़ गई है। प्रबंधन के कोयला चोरी रोकने किए गए तमाम तरह के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय महाप्रबंधक अजय तिवारी ने बताया कि कोयला चोरी रोकने महकमे से जो सहयोग की प्रबंधन को अपेक्षा है, वह नहीं मिल पा रहा है। जिस वजह से शासन को प्रति माह करोड़ों रुपए की आर्थिक क्षति हो रही है।
कोयला माफिया करा रहे चोरी
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सक्रिय कोल माफिया खदान से कोयला चोरी कराने ग्रामीणों को आगे कर रहे हैं। ग्रामीण प्रतिबंधित क्षेत्र में समूह में प्रवेश कर कोयला चोरी कर रहे हैं। यहां फेस से बोरियों में भरकर खदान से बाहर कोयला ले जाकर तस्करों को किलो के भाव में बिक्री किया जा रहा है। यहां से रोजाना कोयला चोरों द्वारा 80 से 90 टन कोयला चोरी की जा रही है। कोयला तस्कर स्थानीय ईंट भट्टों के अतिरिक्त डीपो में भी कथित रूप से चोरी के कोयला को खपा रहे हैं।
पुलिस का नहीं मिल रहा सहयोग
बताया जा रहा है कि प्रबंधन खदान से रोजाना हो रहे कोयला चोरी को लेकर खदान के अधिकारी स्थानीय पुलिस थाना व प्रशासन को समय समय पर पत्र लिखकर कोयला चोरी की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आवश्यकतानुसार मदद नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण खदान से सैकड़ों फीट ऊपर कोयला लेकर चढ़ रहे हैं।अमेरा खदान से रोजाना हो रही कोयला चोरी का विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष खदान से बोरो में कोयला भर पहाड़ की चढ़ाई करते दिख रहे हैं। पहाड़ चढ़ते समय थोड़ी सी भी असावधानी हुई तो जान भी जा सकती है। इसके अतिरिक्त खदान के फेस में ग्रामीणों के बल पूर्वक प्रवेश कर कोयला ले जाने के दौरान खदान में चल रहे भारी भरकम मशीनों की चपेट में आकर भी लोगों की जान जा सकती है। शासन प्रशासन यदि कोयला चोरी रोकने जरूरी कदम नहीं उठाता है तो कभी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कोयला चोरों ने नोडल ऑफिसर डिस्पैच को पीटा
बताया जा रहा है कि आज दोपहर में 50 व 60 की संख्या में कोयला चोर खदान के स्टॉक व रोड सेल में लगी वाहनों के ऊपर चढ़कर कोयला चोरी कर रहे थे। तभी खदान के नोडल ऑफिसर डिस्पैच भगवान तिवारी जो खदान के वेब्रिज के पास थे, ने कोयला चोरों को रोकने का प्रयास किया। तभी लाठी डंडे से लैस चोरों ने उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कोयला से ही पथराव शुरू कर दिया। हादसे में उन्हे सिर में चोटे आई है, जिन्हे करीब बारह टांके लगे हैं। घटना के बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने मामले की शिकायत लखनपुर पुलिस में दर्ज कराई है। मामले में अब कोल माइंस ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव अमरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि अमेरा खदान में कोयला चोरी की स्थिति भयावह हो गई है। चोर अब खदान के अधिकारी कर्मचारी से उलझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि खदान में दिन दहाड़े कोयला चोर प्रवेश कर अधिकारी कर्मचारी पर हमला कर रहे है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के बिना अधिकारी कर्मचारी खदान में काम कैसे करेगा। कल 9 फरवरी शुक्रवार को कोल माइंस ऑफिसर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर व एसपी से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत जानकारी दे खदान से कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण व अधिकारी कर्मचारियों के सुरक्षा की मांग करेगा।

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