छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को दिल्ली से अमित साह और जेपी नड्डा से मुलाकात कर रायपुर लौटे। राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार को लेकर कहा जल्द ही नाम सबके सामने होंगे।

 


सीएम साय‌ की अमित साह और नड्डा की मुलाकात से छत्तीसगढ़ में चढ़ा सियासी पारा, मंत्रियों में नए चेहरे

छत्तीसगढ़ में लगातार सियासी हलचल बदल रही है खास तौर पर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इंतजार इस बात का हो रहा है कि छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल का विस्तार कब किया जाएगा। खास तौर पर छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। अरुण साव और विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं तो उनके मंत्रिमंडल किस तरह का रहेगा। 15 साल की भाजपा सरकार में जो लोग थे क्या उन्हें जगह मिलेगा या फिर जो नए लोग हैं उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाएगा। लगातार एक लंबा इंतजार हो चुका है और इंतजार के साथ ही नेताओं के चेहरे पर माथे कि सिकन देखने को भी मिलने लगी है‌। उन्हें भी इस बात का डर सता रहा है कि क्या उनको जगह मिलेगी या नहीं। इन कशमकश के बीज भाजपा ने नए लोगों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने के संकेत दिए थे। इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री दिल्ली में एक बड़ी बैठक करते है अमित साह, जे पी नड्डा और ओम माथुर समेत तमाल लोगों से मुलाक़ात करते हैं।‌

दिल्ली में अमित साह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित प्रभारी से मुलाकात कर रायपुर लौटे है जहां रायपुर विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा है कि मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएँ हुई है बहुत ही जल्द मंत्रिमंडल में कौन होगा नाम सामने आ जाएंगे। सीएम साय‌ने कहा कि नए चेहरे और पुराने चेहरे भी इस मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएगें।

प्रदेश में कितने मंत्री और किन नामों पर चर्चा

बतादें कि छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीट के अनुसार 13 मंत्रियों को ही रखने का प्रावधान है। जिनमें बृजमोहन अग्रवाल और अमर अग्रवाल दोनों सामान्य वर्ग से आते हैं। इसके साथ ही धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर ओबीसी वर्ग से हैं, केदार कश्यप और विक्रम उसेंडी अनुसूचित जनजाति से आते हैं, दयालदास बघेल अनुसूचित जाति और राजेश मूणत जैन समुदाय के नाम चल रहे हैं। बतादें कि धरमलाल कौशिक को छोड़कर ये सभी नेता राज्य की पिछली भाजपा सरकारों में मंत्री रह चुके हैं।

वहीं अगर संभावित नए चेहरों की बात की जाए तो आईएएस अधिकारी से नेता बने ओपी चौधरी, गजेंद्र यादव दोनों ओबीसी और डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एससी के नामों की भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। इसके साथ ही महिला नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व सांसद गोमती साय और पूर्व प्रदेश मंत्री लता उसेंडी का नाम चर्चा में चल रहा है यह सभी महिला नेत्री आदिवासी समुदाय से आती है।

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