रजवार भवन में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा ने आयोजित किया था महाअधिवेशन
अंबिकापुर। नमनाकला में स्थित रजवार भवन में बुधवार की दोपहर राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के महाधिवेशन के आयोजन दौरान भाषण में हिंदू धर्मावलंबियों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी को लेकर रजवार समाज के द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई, जिस पर मोर्चा के सदस्यों ने उनसे हाथापाई व मारपीट की। इसके बाद बवाल की स्थिति बन गई और महाधिवेशन को समाप्त करना पड़ा था। मामले में रजवार समाज के द्वारा की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के पांच नामजद समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
रजवार समाज सरगुजा के जिलाध्यक्ष बालेश्वर राजवाड़े ने गांधीनगर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि 6 नवंबर को रजवार भवन नमनाकला में निवास कर अध्ययन कर रहे छात्रों के मोबाइल पर किसी ने फोन कर कार्यक्रम करने की बात कही। इनसे कहा गया कि कार्यक्रम में 10-15 लोग शामिल होंगे। बैठक के लिए मौखिक अनुमति दी गई थी। इसी बीच दोपहर करीब एक बजे उन्हें सूचना मिली कि भवन परिसर में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में पहुंचे हैंं। वे मोर्चा के बैनर तले धर्मांतरण जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं तथा दूसरे धर्मों को नीचा दिखाने जैसा वक्तव्य देने में लगे हैं। साथ ही हिंदू धर्म को लेकर भी अनर्गल और विवादित टिप्पणी कर रहे हैं। इसकी सूचना मिलते ही वे स्वयं और प्रवक्ता मनोज राजवाड़े तथा क्षेत्रीय प्रवक्ता रामप्रसाद राजवाड़े मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि भवन परिसर में करीब 2 हजार लोग एकत्र थे। मंच पर माइक लिए विलास खरात, सुनील डोगरविदे, अरविंद कच्छप, रंजीत बड़ा, ब्लासियूस तिग्गा व अन्य लोगों के द्वारा संबोधित किया जा रहा था। वे हिंदू धर्म व ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे थे। इस टिप्पणी का उन्होंने विरोध किया और तत्काल रजवार समाज के भवन को खाली कर देने के लिए कहा। इसके बाद मंचासीन लोगों ने उनसे विवाद करने लगे और हाथापाई, मारपीट जैसी स्थिति बन गई। बताया गया है इनमें कुछ लोग यातायात पुलिस की वर्दी में भी थे, वे उन्हें धमकी देने लगे। इनका कहना था कि जल, जंगल व जमीन हमारा है। रजवार भवन की रजिस्ट्री को भी निरस्त कराने तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। सूचना पर पुलिस व प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। इनकी मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में जमकर बवाल हुआ।
इनके विरूद्ध पुलिस ने किया अपराध दर्ज
मामले की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा छत्तीसगढ़ के विलास खरात, सुनील डोगरविदे, अरविंद कच्छप, रंजीत बड़ा, ब्लासियूस तिग्गा व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 329(3), 333, 299, 115(2), 351(2), 319(2), 191(2), 190 व छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम की धारा 49 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। इधर महाअधिवेशन के आड़ में धर्म विशेष के लोगों पर की गई टिप्पणी को लेकर जनाक्रोश बढ़ रहा है। विभिन्न हिंदू संगठन के लोग मुखर होकर सामने आ रहे हैं।
राज्य अधिवेशन में देशद्रोही विचारधारा के फैलाव का आरोप
फोटो-तीन कालम में लगाएंगे
राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के 6 नवम्बर को आयोजित राज्य अधिवेशन में की गई अभद्र टिप्पणियों को देशद्रोही विचारधारा एवं अराजकता फैलाने जैसी अभिव्यक्ति एवं षड्यंत्र बताते हुए गांधीनगर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा का प्रथम राज्य अधिवेशन रजवार भवन में सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक आहूत किया गया था। सभा बगैर किसी अनुमति के आयोजित की गई थी। कार्यक्रम से संबंधित पंपलेट पूरे जिले में प्रसारित किया गया था, जिसमें मोर्चा के प्रमुख पदाधिकारियों की फोटो लगी हुई थी। आरोप है कि उक्त पंपलेट के माध्यम से देशद्रोही विचारधारा का फैलाव किया गया। कार्यक्रम को सुनियोजित षडयंत्र का हिस्सा बताते हुए उल्लेख किया गया है कि इसमें भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व देश में रहने वाले ब्राम्हणों पर सीधा कटाक्ष करके देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता पर प्रहार किया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के साथ अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अभिषेक शर्मा, रविन्द्र तिवारी, सिद्धार्थ मिश्रा, उन्मेश तिवारी, विपिन कुमार पांडेय, कमलेश तिवारी, शैलेन्द्र शर्मा, शैलेन्द्र चौबे, केडी दुबे, निरंजन तिवारी, कैलाश मिश्रा, शैशव गिरी, विजय कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

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