एएसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित कई घायल, पूर्व सरपंच व ग्रामीण भी जख्मी
स्कूली छात्र को पुलिस ने हिरासत में लेने पर बढ़ा विवाद

अंबिकापुर/लखनपुर। सरगुजा जिला के अमेरा कोल खदान विस्तार को लेकर ग्राम परसोड़ी कला के ग्रामीण उग्र हो गए हैं, खूनी संघर्ष की स्थिति बन गई है। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने लाठी-डंडे, गुलेल से लैस होकर पुलिस बल पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों के द्वारा की गई पत्थरबाजी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण, थाना प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। इधर पुलिस के द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पूर्व सरपंच सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को चोटें आई है। भारी विरोध और तनाव को देखते हुए मौके पर अंबिकापुर से अतिरिक्त पुलिस बल को मंगाना पड़ा। पुलिस के द्वारा आंसू गैस के गोले भी ग्रामीणों पर छोड़े गए, और बल का प्रयोग भी किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बगैर भूमि अधिग्रहण किए अमेरा प्रबंधन के द्वारा खदान का विस्तार किया जा रहा है।
सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमेरा कोल खदान विस्तार के मामले में ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। बुधवार को कंपनी द्वारा ग्राम परसोड़ीकला में कोल का खनन किया जा रहा था। इसी बीच ग्रामीण महिला-पुरुष व युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने खदान विस्तार का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीण लाठी-डंडे से लैस थे। ऐसे में काफी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंची, इसके बाद मामला सुलझने की जगह और उलझ गया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरु कर दिया। लाठी-डंडे, पत्थर बरसाए। पुलिस ने भी लाठियां भांजी, लेकिन बाद में बचाव की मुद्रा में आ गई। मौके पर तनाव के हालात हैं, एक ओर पुलिसकर्मी तो दूसरी ओर ग्रामीण मोर्चा संभाले हैं। अमेरा कोल माइंस विस्तार का विरोध लगातार जारी है। पिछले कई महीनों से कोल माइंस के अधिकारियों, ठेकेदारों व सुरक्षा कर्मियों के साथ ग्राम परसोड़ीकला के ग्रामीणों की भिडं़त हो चुकी है। इसमें ग्रामीण समेत कोल माइंस से जुड़े अधिकारी पूर्व में भी घायल हो चुके हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के अलावा अपर कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे।

स्कूली छात्र को हिरासत में लेने के बाद बढ़ा विवाद
खदान विस्तार को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों के साथ स्कूल के बच्चे भी सामने आ गए हैं। अपनी जमीन को बचाने के लिए स्कूल में अध्यनरत 12वीं का छात्र भी जब प्रदर्शन एवं विरोध का हिस्सा बना तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, या कहें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। इसी बीच ग्रामीण और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर झड़प और संघर्ष की स्थिति बनी, इसके बाद कई लहूलुहान चेहरे सामने आने लगे, जिसमें पुलिस के अधिकारी व जवानों के अलावा ग्रामीण भी शामिल थे।

अश्रु गैस के गोले से नहीं पड़ा फर्क
ग्रामीणों के द्वारा अपनी जमीन को बचाने के लिए किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान हालात ऐसे बन गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस का यह प्रयास ग्रामीणों की भीड़ को टस से मस नहीं कर पाया और लगातार वे प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रवैया अख्तियार करने के मूड में थी। इधर ग्रामीण धरनास्थल से खदान के ऊपर वाले हिस्से में चले गए, तो मजबूरन पुलिस प्रशासन सहित प्रबंधक को पीछे वापस लौटना पड़ा।

आदिवासी ग्रामीण ही टारगेट में क्यों?
सरगुजा में उदयपुर परिक्षेत्र के जंगल को काटने और जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए लगातार 15 वर्षों से जारी हड़ताल के बीच आदिवासी ग्रामीण खूनी संघर्ष से जूझ रहे हैं, इसके बाद भी वे प्राकृतिक संपदा और लहलहाती फसलों वाली जमीन को नहीं बचा पा रहे हैं। इस दौरान रामलाल करियाम को भी काफी चोटें आई, वहीं बुधवार को अमेरा खदान विस्तार कार्य के विरोध दौरान कई आदिवासी वर्ग के लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार सरगुजा में जिस प्रकार कोयला खनन के लिए विस्तार कार्य किया जा रहा है, उस अनुपात में क्षेत्र का विकास नहीं हो रहा है। इससे नाराज ग्रामीण अपना जमीन नहीं देना चाहते हैं।

एएसपी सहित दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल
ग्रामीणों और पुलिस के बीच बनी संघर्ष की स्थिति के बीच पत्थरबाजी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो, एसडीओपी तुल सिंह पत्तावी, थाना प्रभारी लखनपुर मनीष सिंह परिहार, उदयपुर थाना प्रभारी शिशिर कांत सिंह, अश्विनी दिवान सहित दो दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल भेजा गया। कई घायलों का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया।

पूर्व सरपंच व एक दर्जन ग्रामीण भी चोटिल
अमेरा खदान विस्तार को लेकर मचे बवाल के बीच पूर्व सरपंच लोकनाथ उर्रे, फुलेश्वर राजवाड़े, राजेंद्र सिंह, चरण, अनीता सिंह, नंदलाल सिंह, देवचरण राम, दयालाल, मिलन राजवाड़े, भोगली बाई, सुनेश्वर रजक, संतोष राजवाड़े सहित अन्य महिला-पुरुष घायल हो गए।

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