भाजपा विधायक दल के नेता की घोषणा के बाद शपथ ग्रहण व मंत्रीमंडल का इंतजार

गिरिजा कुमार ठाकुर
अंबिकापुर। विधानसभा चुनाव-2023 में छत्तीसगढ़ में भाजपा को मिली अप्रत्याशित सफलता के बाद मुख्यमंत्री कौन, को लेकर लग रही अटकलों पर पूर्णविराम लग गया। इसके पहले मुख्यमंत्री पद के लिए कुछ ऐसे नामों की शृंखला बढ़ते क्रम में सामने आ रही थी, जिससे इस बात को बल देने में लोग लगे थे कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की कुर्सी महिला संभालेगी। सुर्खियों में नाम क्या सामने आया पूजा-पाठ भी शुरू हो गया। पुलिस-प्रशासन के एलर्ट रहने, पहरा बढ़ने की बातें होने लगीं। कुल मिलाकर चंद दिनों का यह दौर कांग्रेस को वर्ष 2018 में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए मचे एक नाम के शोर व बाद बनी जोर-आजमाइश की बनी स्थिति को ताजा कर गया। इसमें असमानता यह रही कि भारत की राजधानी में बैठे भाजपा के माननीयों तक किसी ने दौड़ नहीं लगाई, न ही कुर्सी हासिल करने शक्ति प्रदर्शन जैसी स्थिति बनी। नाम एक के बाद एक आते रहे, जुबानी बातें आम लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच होती रहीं, पर सभी धैर्यपूर्वक अंतिम निर्णय के इंतजार मेें थे। सरगुजा संभाग व जिले से भी संगठन के नेतृत्वकर्ता भी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा का बेसब्री से इंतजार करते रहे।
देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में विधायक दल के नेता के लिए पहला नाम सुर्खियों में आईएएस ओपी चौधरी का आया, वहीं लोग पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नाम को भी तवज्जो दे रहे थे। इसके पीछे कारण 15 वर्ष इनका प्रदेश की सत्ता को संभालना था। इधर ओपी चौधरी का नाम लोगों के जुबां में बरबस इसलिए आ रहा था क्योंकि वे युवा आईएएस हैं। पहली बार विधायक का चुनाव जीतकर आए हैं। इसके बाद सरगुजा संभाग से पार्टी के मूर्धन्य नेताओं-नेत्री को कमान देने की बातें होने लगीं। इन बातों में वजन नहीं के बराबर था। इधर भाजपा के शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया सहित केंद्रीय नेतृत्व ने विधायक दल के नेता के चयन में काफी संजीदगी दिखाई। इन्होंने काफी नाप-तौलकर सरगुजा संभाग के विष्णु देव साय को विधायक दल का नेता चुना और नाम की घोषणा करने में देरी नहीं की। इससे सारी संभावनाओं का पटाक्षेप हो गया। सभी ने विधायक दल के नेता का स्वागत किया। प्रदेश भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री सहित प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करके छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें प्रदेश सरकार खरा उतरेगी, इसके लिए आश्वस्त कर दिया है। 25 दिसंबर को किसानों को दो साल के बकाया बोनस भुगतान करने की घोषणा करने में उन्होंने देरी नहीं की। ऐसे में मोदी की गारंटी पूरा होने की न सिर्फ उम्मीद बढ़ गई है बल्कि मिले जनादेश के अनुरूप भाजपा सरकार द्वारा संकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने व जनहित में आगे आकर काम करने की उम्मीद बढ़ गई है। भाजपा की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास व लोक समृद्धि की त्रिवेणी बनकर रहेगा। विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद आने वाले लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटें जीतने की बातें भाजपा में होने लगी है।
अब शपथ और मंत्रिमंडल के विस्तार का इंतजार
विधायक दल के नेता की घोषणा के बाद अब जनता को शपथ व मंत्रिमंडल के गठन का इंतजार है। भाजपा के दिग्गज मंत्री जो केंद्रीय स्तर व राज्यसभा तक डंका बजाते रहे हैं, उन्हें नई सरकार में कितना सम्मानजनक स्थान मिल पाएगा, इसे लेकर संभावनाओं की फेहरिश्त सामने आ रही है। हालांकि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद इतना तो स्पष्ट हो गया है कि केंद्र और राज्य नेतृत्व की सोच रबड़ी की तरह जिम्मेदारी सौंपने की नहीं है। काफी सोच-विचारकर ही मंत्रिमंडल में चेहरे सामने लाए जाएंगे। हां प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव को उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिलने की संभावना कुछ अधिक है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को विधानसभा अध्यक्ष का ताज पहनाया जा सकता है। प्रदेश स्तर पर बृजमोहन अग्रवाल, ओपी चौधरी, सरगुजा संभाग से राम विचार नेताम, रेणुका सिंह को मंत्रिमंडल में उचित स्थान मिलने की बातों को बल मिल रहा है। इसके अलावा पहली बार चुनाव लड़कर कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाए सैनिक राम कुमार टोप्पो मंत्रिमंडल में शामिल हों, यह सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मंशा है। हालांकि देखा जाए तो सरगुजा संभाग मेें भाजपा ने कई नए चेहरों को तवज्जो देते हुए चुनाव मैदान में सामने लाया। सभी को मंत्रिमंडल में स्थान मिल पाना आसान नहीं है। यह बात दिगर है कि संसदीय सचिव जैसी जिम्मेदारी कुछ चेहरों को दी जा सकती है।
शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने ऑडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भाजपा के बूथ स्तर के 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को उनके परिश्रम से छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई दी है। द्वय ने 13 दिसंबर को शपथ ग्रहण कार्यक्रम में साइंस कॉलेज रायपुर पहुंचने का आमंत्रण दिया है।

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