अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सेवा 29 मार्च से एलाइंस एयर द्वारा 72 सीटर विमान के साथ शुरू होगी, जो अंबिकापुर को देश की राजधानी से सीधे जोड़ेगी। व्हाया बिलासपुर चलने वाली यह उड़ान सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार को संचालित होगी, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। एलाइंस एयर ने 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक का शेड्यूल जारी किया है, जिसमें दिल्ली से अंबिकापुर और वापसी की टाइमिंग शामिल है। मां महामाया एयरपोर्ट से यह सेवा शुरू होने से सरगुजा क्षेत्र के लोग अब दिल्ली पहुंचने के लिए लंबी सड़क यात्रा या ट्रेन के बजाय हवाई मार्ग चुन सकेंगे, जो समय और प्रयास बचाएगा।

इस पहल से पर्यटन, व्यापार और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में गति आएगी, क्योंकि दिल्ली से जुड़ाव सरगुजा के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत विकसित इस एयरपोर्ट का उपयोग अब बड़े विमानों के लिए होगा, जो पहले की अनियमित सेवाओं की कमियों को दूर करेगा। वीजीएफ मोड पर परिचालन से सुनिश्चित होगा कि शुरुआती घाटा होने पर भी सेवा जारी रहेगी, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। सांसद चिंतामणि महाराज की पहल से यह संभव हुआ, जिन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर अंबिकापुर की जरूरतों को सामने रखा।

वीजीएफ करती है एयरलाइंस को घाटे की भरपाई
इस नई सेवा का महत्व सिर्फ कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल इलाके के लिए आर्थिक उन्नति का द्वार खोलेगी। पहले 19 सीटर विमान की अनियमित उड़ानें बंद होने से यात्री निराश थे, लेकिन 72 सीटर विमान से क्षमता बढ़ेगी और किराया भी प्रतिस्पर्धी होगा। वीजीएफ (व्यवहार्यता अंतर निधि) मोड सरकार की वह योजना है जो एयरलाइंस को घाटे की भरपाई करती है, ताकि दूरदराज के रूट्स पर सेवाएं चालू रहें। भारत में यह योजना छोटे हवाई अड्डों को लाभकारी बनाती है, जहां शुरुआत में यात्री कम होते हैं। उदाहरण के लिए, कई क्षेत्रीय रूट्स पर तीन साल तक वीजीएफ दिया जाता है, इसके बाद लाभ होने पर बंद कर दिया जाता है। अंबिकापुर के मामले में यह सुनिश्चित करेगा कि सेवा स्थिर रहे, भले यात्री संख्या कम हो। वीजीएफ मोड विमानन क्षेत्र में गैर-लाभकारी रूट्स को संचालित रखती है। अंबिकापुर जैसे पिछड़े क्षेत्रों में यह जरूरी है, जहां शुरुआत में यात्री कम होते हैं। योजना के तहत तीन साल तक सहायता दी जाती है, इसके बाद रूट लाभकारी बन जाता है। इससे क्षेत्रीय असमानता कम होती है और आर्थिक विकास होता है।

बड़े विमानों के लिए तैयार है मां महामाया एयरपोर्ट
मां महामाया एयरपोर्ट, जो अंबिकापुर से 12 किमी दूर दरिमा में है, जो बड़े विमानों के लिए तैयार है। अनियमित उड़ानें, ज्यादा किराया और एयरपोर्ट की दूरी से यात्री सड़क मार्ग चुनते थे, अब 72 सीटर विमान से ये समस्याएं दूर होंगी। यह सेवा सरगुजा को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ेगी, पर्यटन बढ़ाएगी और रोजगार सृजित करेगी। सरगुजा के प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोशन मिलेगा, व्यापारी दिल्ली बाजार से जुड़ेंगे, और छात्र-रोगी आसानी से पहुंच सकेंगे। मां महामाया एयरपोर्ट का विकास उड़ान योजना के तहत हुआ, लेकिन फ्लाई बिग की 19 सीटर सेवा आठ महीने से बंद है। भविष्य में अन्य शहरों से कनेक्शन बढ़ सकते हैं, जो छत्तीसगढ़ के विकास को गति देंगे। यात्रियों को सलाह है कि एडवांस बुकिंग करें।

उड़ान शेड्यूल इस प्रकार है
सोमवार को विमान संख्या 91613 दिल्ली से सुबह 7.50 बजे उड़ान भरकर 10.25 बजे बिलासपुर पहुंचेगा, वहां 25 मिनट ठहराव के बाद 10.50 बजे अंबिकापुर के लिए रवाना होकर 11.40 बजे पहुंचेगा। वापसी में विमान संख्या 91714 अंबिकापुर से दोपहर 12.05 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा और 14.35 बजे पहुंचेगा। बुधवार को विमान संख्या 91713 दिल्ली से 7.50 बजे उड़ान भरकर 10.25 बजे अंबिकापुर पहुंचेगा। वापसी में 10.50 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होकर 11.40 बजे पहुंचेगा, फिर 25 मिनट ठहराव के बाद 12.05 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा और 14.50 बजे पहुंचेगा। यह शेड्यूल यात्री सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

 

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