अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय भकुरा में छात्रों के मार्कशीट की हार्डकॉपी में सुधार के नाम पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से 2 से 25 सौ तक की अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। गैर-राजनीतिक दल आजाद सेवा संघ ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव से शिकायत दर्ज कराते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विश्वविद्यालय स्थानांतरण के लगभग एक वर्ष बाद, ग्रामीण अंचलों के साथ बड़ी संख्या में छात्रों का आवागमन अब भकुरा स्थित परिसर में शुरू हो चुका है। छात्र अपनी अकादमिक समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय जाते हैं। इसी क्रम में एक छात्र सुमन 23 अप्रैल 2025 को अपने मार्कसीट की हार्डकॉपी में नामांकन संख्या और माता-पिता के नाम में सुधार करवाने के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन किया था, जो विश्वविद्यालय के एक अधिकारी द्वारा गुमराह करने का आरोप लगाते हुए बताया कि उनके द्वारा कहा गया कि परीक्षा परिणाम वर्ष 2022 में जारी हुआ है, इसलिए वर्ष 2022 से 2025 तक प्रतिमाह 120 रुपये की दर से विलंब शुल्क लगभग 5000 रुपये का भुगतान करना होगा। छात्र के द्वारा इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताने पर कथित तौर पर उससे 2000 रुपये ले लिया गया। कुछ दिनों बाद जब छात्र ने विश्वविद्यालय जाकर अपने मार्कसीट को देखा तो पाया कि नामांकन संख्या तो सुधार दिया गया है, लेकिन माता-पिता का नाम गलत है। जब छात्र ने इस त्रुटि की ओर ध्यान दिलाया तो उससे पुन: 500 रुपये की वसूला गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आज दिनांक तक उसके परिणाम में सुधार नहीं किया गया है और अंतिम हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है। संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को इस मामले की लिखित जानकारी दी है और तत्काल पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने का आग्रह किया है। आरोप सत्य पाए जाने पर अवैध वसूली में शामिल लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे मामलों में संतोषजनक कदम नहीं उठाया तो विश्वविद्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

Categorized in: