जाते समय कहा-सरगुजा जिले में कांग्रेस का संगठन और कार्यकर्ता बेहद मजबूत
अंबिकापुर। सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए चार दिन चले रायशुमारी के बाद मंगलवार को जशपुर जिले के लिए रवाना होते समय मुख्य पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर ने बताया कि नवंबर माह में जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाएगी। संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड राज्य के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में 4 सदस्यीय पर्यवेक्षक दल का गठन किया था। इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व संगठन महामंत्री अमरजीत चावला शामिल थे। मंगलवार को दरिमा, मैनपाट, बतौली और सीतापुर ब्लॉक में रायशुमारी के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने नए जिलाध्यक्ष के चयन हेतु 3 मानदंड तय किए थे। ऐसा व्यक्ति जो कांग्रेस की विचारधारा से ओतप्रोत हो, आम जन के दुख-दर्द से जुड़ा हो, और आमजन की समस्याओं के लिए संघर्ष करने वाला हो ऐसा व्यक्ति जिलाध्यक्ष के लिए उपयुक्त रहेगा। 4 दिन के दौरे की समाप्ति पर उन्होंने कहा कि सरगुजा जिले में कांग्रेस का संगठन बेहद मजबूत है, कार्यकर्ता भी बेहद मौजूद है और आगामी अवसर में यह संगठन उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
चार दिन तक चली गहन रायशुमारी
संगठन सृजन के तहत सरगुजा जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के चयन की यह प्रक्रिया 11 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक चली। 11 अक्टूबर को पर्यवेक्षक दल ने प्रेसवार्ता से अपने कार्य को प्रारंभ किया। इसके उपरांत जिला संगठन की बैठक लेकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा की। 12 अक्टूबर को सामाजिक संगठनों से वन-टू-वन चर्चा के उपरांत ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक और रायशुमारी की गई। 12 अक्टूबर को अंबिकापुर शहर/ग्रामीण और लखनपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों से चर्चा हुई। 13 अक्टूबर को उदयपुर, लुण्ड्रा और धौरपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में दौरा कर रायशुमारी उपरांत पर्यवेक्षक दल रात में जिलाध्यक्षों के दावेदारों से वन-टू-वन मुलाकात किया। दौरे के अंतिम दिन पर्यवेक्षक दल ने दरिमा, मैनपाट, बतौली और सीतापुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का दौरा किया। सबसे महत्वपूर्ण चर्चा मीडिया से हुई। दौरा प्रारंभ करने के पूर्व 13-14 अक्टूबर को मुख्य पर्यवेक्षक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों से मुलाकात कर जिले में संगठन की स्थिति और उपयुक्त दावेदारों पर फीडबैक लिए। पड़ोसी राज्य झारखंड में संगठन सृजन कार्यक्रम की समाप्ति के 15-20 दिनों में जिलाध्यक्षों के नाम घोषित हो गए थे। उम्मीद है कि नवंबर के पहले पखवाड़े में छत्तीसगढ़ के नव चयनित जिलाध्यक्षों के नाम सामने आ जाएंगे।
सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष का रेस में प्रमुख नाम
चार दिन चले इस रायशुमारी में मौजूदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहे हैं। विगत 6 माह में संगठन का ढांचा खड़ा करने के साथ ही पार्टी कार्यक्रमों को लेकर सक्रिय रहना, उनके पक्ष में जा रहा है। एक अन्य बात उनके पक्ष में जा रही है वो पार्टी के सभी आयु वर्ग में उनकी लोकप्रियता है। इनके अतिरिक्त श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष गुरुप्रीत बाबरा, प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा, उदयपुर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, अंबिकापुर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनय शर्मा और नरेंद्र सिंह छाबड़ा का नाम प्रमुखता से सामने आया है।

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