पीएससी की परीक्षा पहले प्रयास में पास कर बने सहायक लोक अभियोजन अधिकारी

अंबिकापुर । पिता की मौत के बाद मां के आंचल की छांव में तालीम हासिल करते चंद्रप्रताप सिंह ने सिविल जज की परीक्षा पास करके ही दम लिया। होनहार वीरवान का प्रमाण लखनपुर विकासखंड अंतर्गत छोटे से गांव ग्राम सलका के चंद्रप्रताप ने वर्ष 2022 में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दे दिया था। सहायक लोक अभियोजन अधिकारी की परीक्षा अपने लगन और मेहनत के बूते प्रथम प्रयास में पास करने के बाद सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर इनकी नियुक्ति बिलाईगढ़, सारंगढ़ में हुई, जहां वे सेवा दे रहे हैं। वर्ष 2023 में सिविल जज बनने दी गई परीक्षा के बाद उनका सपना साकार हो गया।

लखनपुर ब्लाक के सलका निवासी उद्योग शिक्षक के पद पर सेवारत कृष्ण अवतार सिंह की मौत वर्ष 2003 में हो गई थी। इसके बाद तीन बेटों के साथ विकट परिस्थितियों का सामना करने की नौबत मां सुशीला पैकरा पर आ गई। इसके बाद भी बेटे के सपनों की उड़ान खत्म न हो, इसके लिए वह अपने आशीष का छांव लिए खड़ी रही। बेटे चंद्रप्रताप की पढ़ने की ललक तो थी ही, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के रूप में सेवा देने का उसे मौका भी मिल गया था, लेकिन चंद्रप्रताप का सपना सिविल जज बनकर लोगों को न्याय दिलाने का था। इस जिजीविशा को लिए नौकरी के साथ सिविल जज के लिए होने वाली परीक्षा की तैयारी में चंद्रप्रताप रमे रहता था। संघर्षपूर्ण परिस्थितियों के बीच मां सुशीला भी अपने बेटे को जज के रूप में देखने आतुर थी। 11 जनवरी 2024 को जब पीएससी का परिणाम सामने आया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। पुत्र की लगन और मेहनत के आगे सुशीला अब जज बेटे की मां बन गई है।

गांव के स्कूल से शुरू हुई प्रारंभिक शिक्षा
चंद्रप्रताप सिंह की प्रारंभिक शिक्षा लखनपुर विकासखंड के ग्राम तुरना में शुरू हुई। इसके बाद वे हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के लिए इंडियन पब्लिक स्कूल राजनांदगांव गए। उच्च व एलएलएम की शिक्षा बिलासपुर में प्राप्त किए।      

Categorized in: