उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के कार्यालय अधोहस्ताक्षरी में पदस्थ लिपिक का कारनामा

कोतवाली थाना पुलिस ने दर्ज किया प्राथमिकी

अंबिकापुर। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंबिकापुर के अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 प्रभारी के द्वारा किए गए एक करोड़ 07 लाख 84 हजार 340 रुपये गबन के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इसके पहले जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई करते हुए इन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) के तहत प्रभाव से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट नियत किया था।

उपसंचालक के पद पर पदस्थ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला ने कोतवाली थाना पुलिस को दिए गए पत्र में बताया है कि फुंदुरडिहारी निवासी प्रदीप कुमार अम्बष्ट सहायक ग्रेड 02, प्रभारी लेखा शाखा कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय में सेवा पुस्तिका के अनुसार 30.03.1990 से निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर पदस्थ थे। वर्ष 2013 में शिव बहादुर यादव के सेवानिवृत्ति के उपरान्त 2013 से प्रदीप कुमार अम्बष्ट को कार्यालय अधोहस्ताक्षरी में लेखा शाखा का प्रभार दिया गया। इन पर स्वयं से कैशियर, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं का पदमुद्रा तैयार करने का आरोप भी लगा है, जबकि कैशियर का कोई पद कार्यालय में सृजित नहीं है। कार्यालय में सहायक ग्रेड-02 एवं 03 का पद है, जिन्हे लेखा शाखा का प्रभार दिया जाता है। बताया गया है कि प्रदीप कुमार अम्बष्ट विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजना बैकयार्ड कुक्कुट इकाई वितरण, सूकर त्रयी ईकाई वितरण एवं नर सूकर वितरण योजना की अंशदान राशि हितग्राहियों से प्राप्त होने पर अधिकारी-कर्मचारियों से प्राप्त करके कथित रूप से जमा था और अपनी बनाई गई पदमुद्रा से पावती देता था। पावती में इनके द्वारा राशि प्राप्त कर सीजीटीसी/एमपीटीसी जारी कर दिया जाता था। नियमानुसार उक्त राशि को आहरण संवितरण अधिकारी उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के द्वारा बैंक खाते में जमा करना आवश्यक है एवं शासकीय दस्तावेज में भी इंद्राज करना है। सीजीटीसी/एमपीटीसी बुक शासकीय मुद्रणालय राजनांदगाव से चालान जमा करने पर कार्यालय को प्राप्त होती है, जो कि शासकीय राजस्व जमा करने वाले को जारी की जाती है। इसी प्रकार जिला पशु रोगी कल्याण समिति द्वारा निर्धारित शुल्क जिले में संचालित समस्त संस्थाओं से एकत्रित कर समिति के बैंक खाते में जमा की जाती है। जिले के समस्त संस्थाओं द्वारा निर्धारित शुल्क नियमानुसार कार्यालय अधोहस्ताक्षरी में प्रदीप कुमार अम्बष्ट सहायक ग्रेड 02 प्रभारी लेखा शाखा के पास जमा की जाती थी, इसके बाद उनके द्वारा स्वयं से बनवाए गए पद मुद्रा का उपयोग करके जमा करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को शासकीय रसीद प्रदाय कर दी गई, परंतु प्राप्त राशि जिला पशु रोगी कल्याण समिति के बैंक खाते में जमा नहीं किया गया।

आहरण संवितरण अधिकारी ने किया जांच समिति का गठन
इसी क्रम में आहरण संवितरण अधिकारी डॉ. आर.पी. शुक्ला, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंबिकापुर के समक्ष अनादेश क्रमांक 143293, 01 लाख 21 हजार 471 रुपये हस्ताक्षर हेतु प्रदीप कुमार अम्बष्ट प्रभारी लेखा शाखा द्वारा सीजीटीसी से प्राप्त राशि, बैकयार्ड परिवहन में व्यय करने हेतु प्रस्तुत किया गया। डॉ. शुक्ला ने संबंधित मद में उपलब्ध राशि की जानकारी प्रदीप कुमार अम्बष्ट से चाही थी, परंतु उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई, जिस पर कार्यालयीन आदेश दिनांक 22.07.2025 के द्वारा संबंधित मद में सीजीटीसी/एमपीटीसी की विविध राशि के मिलान हेतु एक समिति का गठन किया गया। इसमें डॉ. अरुण कुमार सिंह अतिरिक्त उप संचालक, डॉ. फ्रैंकलिन टोप्पो वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ. नंदलाल यादव, अमित कुमार वर्मा एवं उमेश कुशवाहा, द्वय सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को शामिल किया गया था। समिति को 5 दिवस के भीतर आहरण संवितरण अधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन सौंपने हेतु निर्देशित किया गया था।

दस्तावेज और जमा राशि का विवरण नहीं दिया लिपिक
जिला पशु कल्याण समिति के जमा राशि के सत्यापन हेतु गठित समिति ने पत्र दिनांक 28.07.2025 द्वारा विविध योजना अंतर्गत कार्यालय में जमा अंशदान राशि एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति की जमा राशि की सीजीटीसी/एमपीटीसी एवं रसीद के सत्यापन हेतु दस्तावेज उपलब्ध कराने कहा गया। इधर प्रदीप कुमार अम्बष्ट ने सीजीटीसी एवं जिला पशु कल्याण समिति की राशि को आहरण संवितरण अधिकारी के बैंक खाते में जमा करने का विवरण नहीं दिया। समिति द्वारा इन्हें 14 दिवस के भीतर अपना लिखित प्रतिवाद प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया और लेखा शाखा द्वारा जारी सीजीटीसी/एमपीटीसी एवं पशु रोगी कल्याण समिति में जारी रसीद के अनुसार प्राप्त राशि शासकीय खजाने में जमा करने का दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में शासकीय राशि की वसूली के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा, सामान्य शाखा गृह विभाग को सौंपने हेतु लेख किया है।

लिपिक ने दी संवैधानिक कार्रवाई करने की धमकी
प्रतिवाद में प्रदीप कुमार अम्बष्ट द्वारा कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं अंबिकापुर के लेटर हेड का उपयोग करते हुए समिति को उल्लेख किया गया कि आहरण संवितरण अधिकारी का दस्तावेज, आहरण समिति वितरण अधिकारी को नहीं दिया जा सकता है। इधर जांच टीम का तर्क है कि यह दस्तावेज आहरण संवितरण अधिकारी का ही होता है, इसे देने से मना नहीं किया जा सकता है। प्रदीप कुमार अम्बष्ट द्वारा एक तरफ शासकीय राशि का गबन, दूसरी तरफ कार्यालयीन लेटर हेड का गलत उपयोग करने को दंडनीय अपराध मानते हुए संदेह की पुष्टि करने कार्यालयीन पत्र दिनांक 29.07.2025 के माध्यम से प्रदीप कुमार अम्बष्ट से विगत 10 वर्षों में सीजीटीसी/एमपीटीसी जारी कर प्राप्त राशि का शासकीय खाते में जमा एवं व्यय का विवरण मांगा गया। इस जानकारी को भी देने से उन्होंने कार्यालयीन लेटर हेड का उपयोग करते हुए मना कर दिया। आरोप है कि विवरण मांगने पर संवैधानिक कार्रवाई करने की धमकी दी गई।

कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला
विभिन्न योजनाओं अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2024-25 तक राशि रुपये 44 लाख 54 हजार 700 रुपये एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक 63 लाख 29 हजार 640 रुपये, कुल एक करोड 07 लाख 84 हजार 340 रुपये प्रदीप कुमार अम्बष्ट के द्वारा जिले के विभिन्न पशु चिकित्सीय संस्थाओं से प्राप्त करने उपरांत शासकीय बैंक खाते में जमा नहीं करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 316 (4) का मामला दर्ज किया है। बैंक स्टेटमेंट का अवलोकन करने पर पाया गया कि विभिन्न योजनाओं की राशि उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के शासकीय बैंक खाता में जमा नहीं की गई है।

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