तीन सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने पर 09 मार्च को विधानसभा घेराव करने की चेतावनी

अंबिकापुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने शासकीय कर्मचारी घोषित करते हुए उन्हें न्यूनतम वेतन प्रदान करने की मांग को लेकर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन के क्रम में दूसरे दिन धरनास्थल से रैली निकाली और तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की केन्द्रीय व प्रदेश सरकार के मंत्री के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। मांगों को लेकर 26 व 27 फरवरी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई और आंगनबाड़ियों को बंद करते हुए जिला मुख्यालय में धरना दिया था। नारेबाजी करते हुए निकाली गई रैली में इन्होंने सरकार और विभागीय मंत्रियों को ललकारा। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के बैनर तले एकजुट हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा देश में आइसीडीएस की स्थापना का गोल्डन जुबली मनाया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से शासन द्वारा कई प्रकार के कार्य कराए जाते हैं, इसके बदले कार्यकर्ता को मात्र 4500 रुपये व सहायिका को 2250 रुपये प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा पिछले 2 वर्षों से मानदेय में बढ़ोत्तरी नहीं होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समक्ष पहले तो अपना घर चलाने की चिंता रहती है, बाद में बुढ़ापे की लाठी पेंशन नहीं मिलने का भय सताता है। सरकार से इनकी मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए और कार्यकर्ता को प्रतिमाह 26000 रुपये एवं सहायिका को 22100 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन प्रदान किया जाए। इसके अलावा प्रतिवर्ष इसमें बढ़ोत्तरी भी की जाए। साथ ही समाजिक सुरक्षा के रूप में सेवानिवृत्ति और आकस्मिक मृत्यु पर एकमुस्त ग्रेच्युटी, मासिक पेंशन और समूह बीमा का लाभ दिया जाए। इसके लिए नीति बनाई जाए। 8 मार्च तक मांगों की पूर्ति नहीं होने पर 09 मार्च 2026 को रायपुर में विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच के अलावा अन्य संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

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