बिल चुकाने के लिए जमीन रखना पड़ा गिरवी, मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में घायल की हुई मौत
अंबिकापुर। ट्रैक्टर की ठोकर से घायल वृद्ध को ट्रैक्टर मालिक रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भाग गया। इलाज के दौरान लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल मिलने पर स्वजन के होश उड़ गए। इन्होंने ट्रैक्टर स्वामी से संपर्क किया तो उसने किसी प्रकार का सहयोग करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद स्वजन जमीन गिरवी रखकर निजी अस्पताल का बिल अदा किए और घायल मरीज को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम कोइलारी स्कूलपारा का गांगु तिर्की पिता ठुठा 65 वर्ष बीते 30 अक्टूबर को अपने घर के पास बैठा था। इसी दौरान अनियंत्रित ट्रैक्टर का चालक लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उसे ठोकर मार दिया। मृतक के पुत्र सुनील तिर्की का कहना है कि दुर्घटना की जानकारी मिलने पर ट्रैक्टर स्वामी केस दर्ज होने से बचने के लिए उसके पिता को निजी वाहन से धौरपुर स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आया। यहां से प्राथमिक चिकित्सा के बाद रेफर करने पर ट्रैक्टर स्वामी ही रहमदिली दिखाते हुए उसके पिता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया था। यहां से इलाज के बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी, तो ट्रैक्टर स्वामी उन्हें रायपुर के शंकरा अस्पताल में भर्ती कराने के बाद इलाज में होने वाले खर्च से बचने के लिए चुपचाप निकल लिया। यहां इलाज के बीच एक लाख 50 हजार रुपये का बिल अदा करने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने कहा तो वे सकते में आ गए। फोन के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों व ट्रैक्टर स्वामी को बिल की रकम के बारे में अवगत कराया, तो उसने रुपये देने से इन्कार कर दिया। ऐसे में गांव घर का जमीन गिरवी रखकर वे अस्पताल का बिल भुगतान किए और आधा-अधूरा इलाज कराने के बाद वे 5 नवम्बर को वापस मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान 7 नवम्बर की रात 10 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

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