सभी धर्म के धर्मगुरूओं की उपस्थिति में होगा जलसा, देंगे शांति, सद्भावना का पैगाम
सीरतुन्नबी कमेटी आयोजन में डीजे धमाल की जगह लाउडस्पीकर का करेगी उपयोग
अंबिकापुर। पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म दिवस ईद मिलादुन्नबी प्रतिवर्ष की भांति 16 सितंबर सोमवार को सीरतुन्नबी कमेटी मोमिनपुरा के माध्यम से धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के 12 मस्जिदों के सदर सहित अन्य प्रमुखों के द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है।
कमेटी के संरक्षक शफी अहमद के निवास में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए अध्यक्ष दानिश रफीक ने बताया कि लिए गए निर्णय के अनुरूप सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए इस वर्ष ईद मिलादुन्नबी के मौके पर डीजे, धमाल का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जाएगा। शहर की सजावट में भी पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक का भी उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया इस बार समाज को दूषित करने वालों भी किनारे रखा गया है। निगरानी कमेटी बनाई गई है, जो ईद मिलादुन्नबी के मौके पर किसी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखेगी। उन्होंने डीजे का उपयोग प्रतिबंधित करने सहित लिए गए निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनका यह पहला धार्मिक आयोजन होगा, जिसमें धमाल पार्टी का उपयोग नहीं होगा। लाउडस्पीकर का पूरे आयोजन में वे उपयोग करेंगे। इससे आयोजन में शामिल होने वाले बड़े-बुजुर्गों व बच्चों के साथ ही शहर के लोगों को कानफोड़ू शोर से राहत मिलेगी। दानिश रफीक ने आगे बताया कि इस आयोजन में सभी धर्म के धर्म गुरू आएंगे। शहर के कलाकेंद्र मैदान में होने वाले जलसा के माध्यम से सभी शांति, अमन और सद्भावना का पैगाम देंगे। शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को जलसा के दौरान सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने ईद मिलादुन्नबी पर्व के दौरान डीजे का उपयोग प्रतिबंधित किया था, लेकिन कुछ लोगों के द्वारा डीजे बजाकर अप्रिय स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया। इस वर्ष ऐसी हरकत न हो, इस पर निगरानी समिति की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग से गुजारिश के बाद उन्होंने भी डीजे धमाल का उपयोग नहीं करने पर अपनी सहमति दी है। मो. इस्लाम ने कहा कि हम देश के संविधान को मानते हैं। इसके गाइडलाइन का पालन करना हर किसी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मोहर्रम पर्व के दौरान हथियार प्रदर्शन पर हमने प्रतिबंध लगाया था। समाज के प्रमुखों का निर्णय उनके लिए सर्वमान्य है। मो. बाबर इदरिशी व जिला कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने कहा कि शहर के 12 मस्जिदों के सदर और समाज के प्रमुख लोगों के द्वारा लिया गया निर्णय का पालन सिर्फ पर्व पर नहीं बल्कि इस्मालिक तरीके के हर आयोजनों में किया जाएगा। इसके लिए धर्म गुरूओं ने पहल शुरू कर दी है। शादी-विवाह में भी डीजे का उपयोग समाज के लोग न करें, इसके लिए भी हमने पहल शुरू कर दी है। समाज में धीरे-धीरे बदलाव आएगा। उन्होंने कहा हम हिन्दुस्तानी हैं, हिंद हमारे दिल में है। अमन, भाईचारा हम सभी का पैगाम है। इस मौके पर काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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