अंबिकापुर। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सरगुजा पुलिस ने 01 बालिग आरोपी एवं 06 विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल प्रकरण दर्ज करके सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस की धारा 173 के तहत थाना सीतापुर में प्रकरण शून्य में दर्ज किया गया था।

मामले में अग्रिम कार्रवाई हेतु जशपुर जिला के थाना पत्थलगांव पुलिस को केस डायरी और 06 विधि से संघर्षरत बालक सहित 07 आरोपी स्थानांतरित किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक 01 सितंबर को किशोरी अपनी सहेलियों के साथ बाजार गई थी। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो स्वजन तलाश में जुटे। इसी दौरान देर रात नाबालिग अपने घर पहुंची। किशोरी से मां पूछताछ की तो वह बताई कि वह अपनी सहेलियों के साथ बाजार गई थी, इसी दौरान बाजार में उसकी सहेली ने 07 युवकों से जान-पहचान कराया था, जिनमें से कुछ का नाम वह जानती है। बाजार करने के बाद वापस घर आते समय बीच रास्ते में वही 07 लड़के खड़े थे, जिनसे वह बाजार में मिली थी। इस दौरान 03 युवक उसे एवं अन्य युवक उसकी सहेलियों को पकड़ने लगे, इसके बाद मौके से उसकी सहेलियां भाग गईं। इसके बाद सभी युवक मिलकर उसे एकांत में ले गए और 04 युवकों ने उसे पकड़ा और अन्य 03 युवकों ने जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी के पिता ने 02 सितम्बर को थाना सीतापुर में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 70(2), 126(2) बीएनएस एवं पोक्सो एक्ट की धारा 5(छ), 6 का अपराध पंजीबद्ध कर लिया था। मामला पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों की तलाश शुरू की और त्वरित कार्रवाई कर निरंजन उर्फ पिलन्तु लकड़ा 20 वर्ष निवासी राजापुर थाना सीतापुर एवं अन्य 06 विधि से संघर्षरत बालक को पकड़कर क्षेत्राधिकार की दृष्टि से अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना पत्थलगांव पुलिस को केस डायरी के साथ भेज दिया है। कार्रवाई में थाना सीतापुर से उप निरीक्षक रघुनाथ राम भगत, सहायक उप निरीक्षक शिवचरण साहू, महिला आरक्षक पुष्पा लकड़ा, आरक्षक धनकेश्वर यादव, सेवक राम पैकरा, मनोहर पैकरा शामिल रहे।

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