चंद मिंटो की बारिश में देर रात तक लाइट रही बंद
रामानुजगंज! नगर की घटिया विधुत वितरण व्यवस्था को लेकर आए दिन उपभोक्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है 26 जुलाई को दोपहर में चंद मिंटो तक वारिश क्या हुईं कि पूरी तरह से लाइट बंद हो गई देर शाम तक लाइट बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सास ली किंतु ट्रिपिंग का दौर जारी रहा। इसी बीच अचानक रात्रि 9:30 बजे के लगभग पुनः लाइट चली गई उसके बाद नगर की उपभोक्ता स्थानीय लाइन मैनो से संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। वही विभाग के ठेकेदार आर.एस.गुप्ता के  कर्मचारी भी अपने फोन को व्यस्त मोड में डाल कर चैन कि निंद सो गए। जिसके कारण नगर की उपभोक्ताओं को किन कारणों से लाइट बंद है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। भीसड़ गर्मी में लोग रातों को अपने घरो से बाहर निकालने के लिए मजबूर हो गए। लगातार 3:30 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बंद रही फिर जाकर रात्रि 2:00 बजे के लगभग विद्युत आपूर्ति बहाल हुई किंतु रातभर ट्रीपींग का दौड़ जारी रहा। अब सवाल यह उठता है कि प्रत्येक वर्ष मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए का खर्च बताया जा रहा है की बरसात पूर्व मेंटेनेंस इसलिए की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत वितरण किया जा सके लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है शाम के समय विद्युत गुल होने के कारण खासकर घरेलू महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इसके लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत के बाद उल जुलूल बाते करने लगते हैं और नियम कानून का हवाला देने लगते हैं। उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत वितरण मिल सकें इसके लिए समय-समय पर कोई पहल नहीं की जाती जब पूरी तरह से सप्लाई व्यवस्था का भट्ठा बैठ जाता है तभी कोई पहल की जाती है। 
जिला कलेक्टर को ईई दे रहे गलत जानकारी
26 जून को दोपहर में हुई चंद मिंटो की बारिश में नगर पंचायत क्षेत्र रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 15 से लगे हुए ग्राम पंचायत पुरानी डीह मे ट्रांसफार्मर जल गया। ट्रांसफार्मर जलने के कारण सैकड़ो उपभोक्ताओं की घरों में अंधेरा छा गया उसके बाद लाइट के अभाव में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। 
जब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से ट्रांसफार्मर के संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूर्ण कर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। जब इस संबंध में जिले के अपर कलेक्टर इंद्रजीत वर्मन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जिले के ईई प्रकाश कुमार अग्रवाल के द्वारा टी एल के बैठक में कलेक्टर बलरामपुर को यह जानकारी देते हैं कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद तत्काल ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता है उन्होंने कहा कि जले हुए ट्रांसफार्मर के संबंध में मैं चर्चा कर तत्काल लगवाने का प्रयास करता हूं। इधर सच्चाई यह है कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद उपभोक्ताओं को कई कई दिनों तक मानसिक शारीरिक एवं आर्थिक सहीत कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में इनके पास उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत वितरण देने के लिए स्टॉक में काम से कम पांच ट्रांसफार्मर होने चाहिए लेकिन जानबूझकर जिले के लापरवाह अधिकारी समस्या उत्पन्न करने में लगे हुए हैं ताकि जिले के मुखिया कलेक्टर सहित इस जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का नाम कलंकित हो सके।

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