बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर के एसबीआई बैंक एकाउंट से फर्जी चेक के माध्यम से 37 लाख 53 हजार रुपए के आहरण मामले में आज दूसरे दिवस भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। मामले में एसईसीएल प्रबंधन ने एसबीआई बैंक प्रबंधन को पत्र लिखकर आहरित राशि को शीघ्र अपने बैंक खाते में जमा करने का पत्र लिख बैंक प्रबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है।बैंक प्रबंधन को लिखे पत्र में एसईसीएल प्रबंधन ने उल्लेख किया है कि विभिन्न आठ फर्जी चेक से जो कंपनी के खाते से गलत तरीके से आहरण कर भुगतान किया गया है, उसकी बारीकी से जांच होनी चाहिए और उक्त रकम को खाते में जल्द समायोजित किया जाना चाहिए।बता दें कि एसईसीएल बिश्रामपुर के एसबीआई बिश्रामपुर ब्रांच के बैंक खाते से अज्ञात लोगों द्वारा आठ फर्जी चेक के माध्यम से 37.53 लाख रुपए पंजाब नेशनल बैंक सदर बाजार बिलासपुर की शाखा सहित अन्य बैंकों से आहरण कर लिया गया था, जबकि उक्त सीरीज व नंबर के चेक प्रबंधन ने अब तक जारी ही नहीं किए थे। मोटी रकम आहरण के बाद जब प्रबंधन को इसकी भनक लगी तो तत्काल बैंक शाखा में पहुंच शिकायत दर्ज कराया। बैंक प्रबंधन ने इसे बड़ी खामी मानते हुए तत्काल सक्रियता दिखाकर 28 लाख रुपए की राशि को होल्ड कराकर वापस एसईसीएल के खाते में जमा करा दिया लेकिन एक सप्ताह पूर्व हुए दो चेक से 9 लाख की रकम अब तक वापस नहीं कराई जा सकी है।प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस आज दिन भर बैंक में इस प्रकरण से जुड़े दस्तावेज जुटाने में लगी रही, इस कारण देर शाम तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी।पुलिस पूरे दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की बात कह रही है। एसबीआई बिश्रामपुर के प्रबंधक रवि सिंह ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक व यूनियन बैंक से फर्जी चेक से आहरित राशि वापस मिल गई है, जिसे एसईसीएल के बैंक खाते में समायोजित भी करा दिया गया है। यूनियन बैंक से दो चेक के माध्यम से आहरित 9 लाख रुपए की राशि वापसी के लिए संबंधित बैंक प्रबंधन को पत्र लिखा गया है, एक दो दिन में उक्त राशि भी वापस मिल जाएगी। जिसके लिए गंभीरता से प्रयास किया जा रहा है।

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