नक्सलियों के सबसे मज़बूत माने जाने वाले बीजापुर जिले के चिंतावागु नदी में सुरक्षाबलों ने दो सौ मीटर का रोपवे का बना दिया है। जिससे अब सुरक्षाबलों के जवानों और ग्रामीणों को बारिश के दौरान आवागमन बंद नही होगी। दरअसल चिंतावागु नदी का यह इलाक़ा नक्सलियों की सबसे मज़बूत माने जाने वाले बटालियन का इलाक़ा है। जहां सुरक्षाबलों ने हाल फ़िलहाल में सीआरपीएफ़ ने एक कैम्प भी लगाया है।

चिंतावागू नदी पर यूँ तो पुल का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने की बात सामने आती रही है। पर शायद पुल के निर्माण में अभी समय बाक़ी है। इससे पहले सुरक्षाबलों ने जो पहल किया है उससे यहाँ के ग्रामीणों को भी बारिश के मौसम में आवागमन में काफ़ी राहत मिलेगी। ग़ौरतलब है की बस्तर में जून में ही अच्छी ख़ासी बारिश होने से चिंतावागु नदी तक़रीबन दो महीने तक उफान में होती है। कई बार इस नदी पर बाढ़ भी आ चूकी है। जिसके चलते बारिश के दौरान ग्रामीण इस नदी को पार नहीं करते हैं। जबकी जवानों के आवागमन में भी बारिश अब बाधा नहीं डाल पाएगी।

सीआरपीएफ़ छत्तीसगढ़ सेक्टर ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसके अनुसार इस रोपवे को बनाने ITBP की मदद ली गई है। इस रोपवे को तैयार करने में पुरे एक महीने का समय लगा है। बुधवार को इस रोपवे का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। सीआरपीएफ़ के आईजी छत्तीसगढ़ साकेत सिंह के निर्देश पर सीआरपीएफ़ डीआईजी सुनीत कुमार रॉय ने मौक़े तैनात सीआरपीएफ़ की 151वीं बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी अयोध्या सिंह के हाथों उद्घाटन कर दिया गया है। जिसके बाद से यहाँ जवानों और ग्रामीणों का आवागमन इस रोपवे के माध्यम से प्रारंभ हो चूका है।

जनवरी में इसी इलाक़े के कैम्प पर नक्सलियों ने बोला था बड़ा हमला

चिंतावागु नदी यह वही इलाक़ा धर्मावारम का है जहां नक्सलियों ने बीते 16 जनवरी की रात कैम्प पर ज़बरदस्त हमला बोल दिया था। पुरी रात नक्सली इस कैम्प गोलाबारूद फेंकते रहे जबकी कैम्प लूटने आए नक्सलियों ने जंगली घांस से बने ख़ास पोशाक भी पहन कर पहुँचे थे। नक्सलियों द्वारा इस हमले के बाद एक प्रेस नोट जारी कर कैम्प पर हमले की जानकारी देते हुए अपने तीन साथियों के इस दौरान मारे जाने की जानकारी दी थी।जिसके बाद से यह इलाक़ा चर्चाओं में आया था। और अब जवानों द्वारा चिंतावागु नदी पर रोपवे बनाकर तैयार करने के बाद फिरसे इलाक़ा चर्चाओं में है।

रोपवे के निर्माण में इनकी रही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका

धर्मावारम में चिंतावागु नदी पर रोपवे तैयार करने की योजना सीआरपीएफ़ के छत्तीसगढ़ सेक्टर के आईजी साकेत सिंह ने तैयार की फिर इसके लिए सीआरपीएफ़ डीआईजी कोन्टा रेंज सुनीत कुमार रॉय को निर्देशित किया गया जिसके बाद सीआरपीएफ़ की 151वीं बटालियन के कमांडेंट प्रदूमन सिंह व द्वितीय कमान अधिकारी अयोध्या सिंह मौक़े पर ITBP के डीसी इंजीनियर टीम व प्रेम कुमार मीना एसी इंजीनियर टीम समेत अन्य 17 कर्मचारियों की मदद से एक महीने में इस रोपवे को बनाकर तैयार किया गया और बुधवार को इसका उद्घाटन कर दिया गया है।

अब नदी नहीं रोक पाएगी ग्रामीणों का रास्ता

CFPF व ITBP के इंजीनियर टीम द्वारा तैयार किए गए इस रोप वे के तैयार होने से अब दर्जन भर गाँव के ग्रामीणों को बारिश में मजबूर नहीं होना पेड़ेगा इस रोप वे के बनने से पामेड़ थाना क्षेत्र में आने वाले धर्मावारम सपेड़े पेद्दाधर्मा कंचाल, जिदपली,रावतपारा, भट्टीगुड़ा कावरागट्टा आदी गाँवों के ग्रामीण रोप वे के माध्यम से उफनती चिंतावागु नदी को पार कर पामेड़ तक जा सकेंगे।

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