राजेन्द्र ठाकुर ( राजू)बलरामपुर बलरामपुर जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित हो रहे होटल एवं ढाबा में लोगों को स्वादिष्ट भोजन के साथ परोसा जा रहा मीठा ज़हर आज आमतौर पर देखा जाए तो लोग स्वादिष्ट भोजन के तलब से होटल और रेस्टोरेंट का चक्कर लगाते दिखते हैं लेकिन इन्हें मालूम नहीं है कि इनके सेहत के साथ रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक स्वादिष्ट थाली में लजीज व्यंजन के साथ मिलावटी तेल और मसाले का भरपूर उपयोग कर रहे हैं होटल एवं ढाबा में निगरानी नहीं होने से साफ सफाई का बुरा हाल है वही मिलावट का गोरख धंधा भी धडले से चल रहा है किंतु जिम्मेदार विभाग के अधिकारी को इस और ध्यान देने की फुर्सत नहीं है और ना ही खाद्य निरीक्षक अधिकारी इस और ध्यान देते हैं विभाग के अधिकारी को भी जांच करने के लिए फुर्सत नहीं मिलती जिले में किस प्रकार का काम चल रहा है ग्राहकों को सही सामान मिल रहा है कि नहीं अथवा मिलावट तो नहीं किया जा रहा है जिसकी जांच करने के लिए अभी जिम्मेदार लोग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ते नजर आते हैं
जिसके कारण होटल एवं ढाबो के संचालकों के द्वारा मनचाहे मिलावटी गुणवत्ता विहीन समान लोगों को परोसे जा रहे हैं

खूब बिक रहे है मिलावटी मिठाई

विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिम्मेदार विभाग के अधिकारी दीपावली होली जैसे बड़े त्योहार में अपने वीआईपी कार में हुटर बजाते हुए होटल और ढाबा संचालक से मिलने जाते हैं और मिलकर उल्टे पांव अपने आफिस चले आते हैं
कई बार तो यह भी देखा गया है कि अंतर राज्य बैरियर पर जांच करते हैं और कोरम पूरा करते हुए फोटो खींचवा वापस उल्टे पांव लौट आते हैं

पूर्व एसडीएम ने कीया था  कार्रवाई

कुछ महीने पूर्व त्योहार के सीजन को देखते हुए पूर्व एसडीएम बलरामपुर ने बलरामपुर मुख्यालय सहित अंबिकापुर मार्ग पर संचालित होने वाले होटलों की जांच किया था जहां कई प्रकार की मिठाइयां एवं घरेलू गैस सिलेंडर भी उपयोग करते पाए गए थे और एसडीएम ने कार्रवाई भी किया था वही विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पता चला था कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी को यह सब नहीं भाया और एसडीएम के विरुद्ध में ही होटल संचालकों को भड़काना चालू कर दिए और बेचारे सीधे-साधे एसडीएम के ऊपर आरोप प्रत्यारोप एवं पैसे लेने की मनगढ़ंनआरोप लगने लगे जिम्मेदार विभाग के अधिकारी खुद तो कार्रवाई नहीं करते लेकिन कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध षडयंत्र पूर्वक बात का बतंगड़ बनवा दिए जाते हैं

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