वर्षों बाद भी रिकार्ड की त्रुटि सुधार न होने से लोग परेशान

बिश्रामपुर। प्रशासनिक त्रुटि की वजह से ग्राम पंचायत रविंद्रनगर व संजयनगर के राजस्व रिकार्ड में हुए त्रुटि का सुधार वर्षों बाद भी न होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा आमजन की समस्या से निजात दिलाए जाने हेतु कमेटी गठित करके बंदोबस्त रिकार्ड में सुधार कराए जाने के निर्देश तत्कालीन कलेक्टर को दिए थे लेकिन शासन के निर्देश कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं। परेशान ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा से मुलाकात करके न्याय की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि सूरजपुर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत संजयनगर व रविंद्रनगर के राजस्व रिकार्ड में बंदोबस्त त्रुटि होने की वजह से ग्रामीणों को वर्षों से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त रिकार्ड में सुधार कराए जाने की मांग को लेकर वर्षों से शासन-प्रशासन स्तर पर गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आज तक उक्त गंभीर समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा सुधार कार्य हेतु सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उक्त निर्देश भी कागजी कोरमपूर्ति बनकर रह गई। इसके पश्चात ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल भाजपा शिवनंदनपुर मंडल अध्यक्ष देवधन राम बिंझिया व मंडल महामंत्री संदीप सरकार के नेतृत्व में डिप्टी सीएम विजय शर्मा से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों द्वारा उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत संजयनगर व रविन्द्रनगर में लोगों को पलायन पुनर्वास भूमि प्राप्त है एवं भूमि स्वामी के नाम पर पट्टा भी दिया गया है। प्राप्त भूमि पर किसान अपना अपना घर बनाकर निवासरत रहते हुए वर्षों से कृषि कार्य करके अपने परिवार का भरन पोषण करते आ रहे हैं। यहां पर जिस भूमि पर जो किसान काबिज हैं उक्त भूमि का नक्शा में अन्य दूसरे कृषक के नाम सभी लोगों के दर्ज हैं। जिस वजह से यहां पर आएदिन विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है। मामले की गंभीरता को लेते हुए तत्काल कलेक्टर रोहित व्यास से चर्चा करके मामले का निराकरण कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
गठित टीम में ये थे शामिल
आयुक्त भू अभिलेख रायपुर द्वारा वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत संजयनगर व रविंद्रनगर के राजस्व त्रुटि सुधार कराए जाने हेतु कलेक्टर सूरजपुर भू अभिलेख शाखा को निर्देशित किया गया था। मामले में कलेक्टर द्वारा 28 जून 2022 को एक आदेश जारी करके तत्कालीन लटोरी नायब तहसीलदार सुशील कुमार शुक्ला, राजस्व निरीक्षक शिव शंकर ठाकुर, भरत प्रसाद व पटवारी द्वय संतोष भानिया, लिवांश टोप्पो की संयुक्त टीम को सर्वे करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह भी केवल कागजी कार्यवाही तक ही सिमट कर रह गया है।

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