भाजपा की मान्यता रद्द कर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने और खाता सीज करने की मांग
कांग्रेस ने जिला कांग्रेस कार्यालय, राजीव भवन में की पत्रकारों से चर्चा

अंबिकापुर। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में इलेक्टोरल बांड घोटाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर इओडब्ल्यू द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा की। कांग्रेस नेताओं ने भारत के राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा है कि चुनावी चंदा घोटाला के लिए भाजपा की मान्यता रद्द कर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए और इनके बैंक खाता को सीज किया जाए।

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने पत्रकारों से चर्चा दौरान कहा कि इलेक्टोरल बांड से संबंधित जो जानकारी सामने आई है, उससे साफ हो गया है कि बांड भाजपा और मोदी सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया था। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी चंदा घोटाला है। मोदी सरकार ने व्यवसायिक संस्थानों के बीच केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से छापा मरवाकर, गलत कार्रवाई करवा इलेक्टोरल बांड के माध्यम से वसूली करवाया है। जिन कंपनियों ने भाजपा को चुनावी चंदा दिया उन्हें हजारों, करोड़ रुपये के ठेके दिए गए। इनके खिलाफ मनीलांड्रिंग की कार्रवाई को मोदी सरकार ने रूकवा दिया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुचिता और पारदर्शिता की जवाबदेही पेश नहीं कर पाए। इलेक्टोरल बांड से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि भाजपा अपने आर्थिक लाभ के लिए सारा षड्यंत्र की। स्टेट बैंक भी इसको छिपाना चाह रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद वह सकते में आया, अब 21 मार्च का इंतजार है। अब तक जो जानकारी सामने आ रही है, इससे स्पष्ट है कि 1300 से अधिक कंपनियों और व्यक्तियों ने इलेक्टोरल बांड के रूप में भाजपा को दान दिया है। 2019 के बाद से भाजपा को छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है। इधर सत्ताधारी दल का एजेंट बनकर ईडी, सीबीआई, इओडब्ल्यू जैसी जांच एजेंसियां काम करने में लगी हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी इन एजेंसियों का खुलकर दुरूपयोग करने में लगे हैं। भाजपा ने प्रति लोकसभा क्षेत्र में चुनाव निपटाने के लिए कई करोड़ रुपये का जुगाड़ करके रखा है। पूर्व पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा चंदा लेने के आड़ में अनैतिक लाभ पहुंचाना चिंतनीय है। चुनाव को देखकर महादेव ऐप के आड़ में कांग्रेस व भूपेश बघेल को बदनाम करने जैसा कुकृत्य किया गया है। उन्होंने खुलकर आरोप लगाया कि महादेव ऐप केंद्र सरकार के दम पर चल रहा है। जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि इलेक्टोरल बांड ईजाद क्यों किया गया यह बड़ी बात है। भाजपा ने भ्रष्टाचार का नया तरीका निकाला, विश्व में ऐसा नमूना देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा छापा पड़ना और उसी के द्वारा चंदा देना संयोग नहीं हो सकता है। महादेव ऐप के परिपेक्ष्य में उन्होंने कहा कि असीमदास जो खुद आरोपी है, उसके कथन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया। महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा जांच एजेंसियों का उपयोग दबाव बनाने के लिए भाजपा करते आ रही है, इसमें संदेह नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्राथमिकी दर्ज होना इसका साक्षात प्रमाण है। भाजपा देश को खोखला करने में लगी है, फिर भी भारत में न्यायपालिका जिंदा है। हम सुप्रीम कोर्ट के पहल का सम्मान करते हैं। द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि चुनावी चंदा के लिए भाजपा के द्वारा अपनाया गया फंडा स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा स्कैम है। केंद्र सरकार ने 22 हजार करोड़ रुपये की उगाही को अंजाम दिया है। यह देश की अस्मिता के लिए खतरे से कम नहीं है। हैरत की बात यह है कि 22417 ट्रांजेक्शन की जानकारी स्टेट बैंक देने में विलंब हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने बांड को असंवैधानिक करार दिया है। इस दौरान मधु सिंह, हेमन्त सिन्हा, अनूप मेहता, अशफाक अली, आशीष वर्मा, दीपक मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।

एफआइआर पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ईडी और भाजपा ने मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने षड्यंत्र किया है। भाजपा का ईडी, महादेव ऐप के कर्ताधर्ताओं के बीच क्या संबंध है? भूपेश बघेल के खिलाफ ईडी के पत्र के आधार पर ईओडब्ल्यू के द्वारा लिखी गई एफआइआर पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है और कहा है कि ईडी की जांच व ईओडब्ल्यू के एफआइआर में राजनैतिक षड्यंत्र साफ दिख रहा है। सवाल यह भी है कि लोकसभा चुनाव के पहले ही यह एफआइआर क्यों दर्ज की गई? ईडी की सारी कार्रवाई की टाइमिंग भाजपा को राजनैतिक लाभ पहुंचाने वाली ही क्यों होती है? कांग्रेस का कहना है असीम दास के तथाकथित बयान के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री पर मुकदमा दर्ज किया गया, उस बयान का असीम दास ने अदालत में खंडन भी किया और कहा कि वह बयान ईडी के दबाव में दिया था। इसके बाद भी भूपेश बघेल पर मुकदमा दर्ज किया गया, उसी असीम दास के साथ संबंधों के आधार पर भाजपा नेताओं से पूछताछ भी नहीं किया गया, यह रचे गए षड्यंत्रों को बताने के लिए पर्याप्त है।

इलेक्टोरल बांड रिश्वत लेने का नया तरीका
कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा भाजपा ने पहले ईडी, सीबीआई, आईटी से किसी कंपनी में छापा मरवाया, बाद में सुरक्षा के लिए हफ्ता दान वसूला। कई कंपनियों ने इलेक्टोरल बांड दान किया और इसके तुरंत बाद उन्होंने मोदी सरकार से भारी लाभ प्राप्त कर लिया। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने 800 करोड़ रुपये से अधिक का इलेक्टोरल बांड दान करके एक महीने बाद 14,400 करोड़ रुपये का ठाणे-बोरेवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट पाया। जिंदल स्टील एंड पावर ने 7 अक्टूबर 22 को इलेक्टोरल बांड में 25 करोड़ रुपये दिए, तीन दिन बाद 10 अक्टूबर 22 को गारे पाल्मा 4/6 कोयला खदान हासिल कर लिया। इन्कम टैक्स विभाग ने दिसंबर 2023 में शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स में छापा मारा और जनवरी 2024 में 40 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बांड में दान किया। फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स ने 1200 करोड़ रुपये से अधिक का दान किया है, जो सबसे दानदाता हैं। वेदांता सहित ऐसे ही अन्य कंपनियां हैं, जो इलेक्टोरल बांड के माध्यम से कथित रूप से दान करते आए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने इलेक्टोरल बांड को मोदी सरकार के द्वारा रिश्वत लेने का नया तरीका बनाया है।

कांग्रेस ने ईओडब्ल्यू से इन सवालों का मांगा जवाब
केन्द्र सरकार महादेव ऐप पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगा रही? पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज किए गए एफआइआर का आधार क्या है? जिस असीम दास से ईडी ने रुपये बरामद किया था उसके पास रुपये कहां से आया, ईडी ने उसकी जांच क्यों नहीं की? असीम दास की फोटो भाजपा नेताओं के साथ आई है, तो ईडी, ईओडब्ल्यू ने उन दोनों का नाम एफआइआर में क्यों दर्ज नहीं किया? शुभम सोनी का वीडियो बाइट भाजपा ने जारी किया था, शुभम सोनी के भाजपा से क्या संबंध है, ईडी ने इसकी जांच क्यों नहीं की? सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल के फोटो भाजपा नेताओं के साथ सार्वजनिक हैं, उन दोनों में पूछताछ क्यों नहीं की गई? शुभम सोनी, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल को ईडी गिरफ्तार करके दुबई से वापस क्यों नहीं ला रही है? ईडी ने ईओडब्लू को इस मामले जो पत्र लिखा था्र उसमें कुछ आईपीएस एवं अन्य अधिकारियों के भी नाम हंै, ईओडब्ल्यू ने उन अधिकारियों के नाम एफआइआर में क्यों छोड़ा? असीम दास की गिरफ्तारी के समय जिस इनोवा गाड़ी से रुपये जप्त हुए थे, उसके मालिक भाजपा विधायक अमर अग्रवाल के भाई हैं, उनसे ईडी कब पूछताछ की? शुभम सोनी जब दुबई में काउंसलर के समक्ष बयान देने गया था, तब उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?

Categorized in: