बहन की रिपोर्ट पर केस दर्ज की थी पुलिस, घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल जब्त  

अंबिकापुर। दोस्त के साथ गए युवक का अपहरण एवं फिरौती मांगने के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नगर सेना का जवान है, जिसका अपहृत युवक के दोस्त से लेनदेन था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ग्रे-काले रंग का बुलेट वाहन क्रमांक सीजी 15 डीयू 3658 को भी जप्त कर लिया है।

दरिमा थाना अंतर्गत ग्राम कतकालो की मानसी महंत ने गांधीनगर थाना पुलिस को बताया था कि उसके भाई मनमोहन महंत का अपहरण बीते 18 मार्च को श्याम नामक व्यक्ति कर लिया है। अपहरण करने वाला कौन है, इससे वे अनजान थे। 19 मार्च को इसकी रिपोर्ट अपहृत युवक की बहन ने गांधीनगर थाना में दर्ज कराई थी, इधर 19 मार्च को ही मनमोहन घर वापस लौट आया था। घर आने के बाद उसने पूरे घटनाक्रम से स्वजन को अवगत कराया। युवती ने पुलिस को बताया था कि उसके छोटे भाई मनमोहन महंत का ग्राम सुखरी से अपहरण किया गया है और उसे अज्ञात स्थान पर बंद करके रखा गया है। अपहरण करने वाला अनजान व्यक्ति उसे छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग कर रहा है। युवती ने पुलिस को यह भी बताया था कि 18 मार्च को शाम लगभग 04 बजे वह अपने भाई मनमोहन महंत के साथ अंबिकापुर सामान लेने के लिए जाने वाली थी। इसी समय गांव का मुरली महंत उसके घर में आया और भाई मनमोहन से कुछ बातचीत करने के बाद उसे स्कूटी में बैठाकर ले गया। मनमोहन कहां गया, इसकी जानकारी वह अपनी बहन को नहीं दिया था। देर रात तक जब वह वापस नहीं आया, तो वे उसकी खोजबीन में जुटे। देर रात कहीं आने-जाने का साधन नहीं होने के कारण वे मुरली के मोबाइल में फोन लगाते रहे, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। रिपोर्ट पर पुलिस धारा 364-ए, 365 का मामला कायम कर जांच में जुटी थी। अपहृत युवक के सकुशल वापस लौटने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस आरोपी की पतासाजी तकनीकि माध्यम से शुरू की और आरोपी श्याम कुमार रवि, 33 वर्ष को उसके निवास स्थान ग्राम कुरवां थाना विश्रामपुर, सूरजपुर से कब्जे में ले लिया। आरोपी के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई कर पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले के निराकरण करने में थाना गांधीनगर से प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, पवन यादव, घनश्याम देवांगन, रिषभ सिंह सक्रिय रहे।

देर रात आए फोन से उड़ी नींद
देर रात 03 बजे के लगभग अपहृत युवक की बहन मानसी महंत के मोबाइल में फोन आया, जिसमें उसके भाई मनमोहन ने रोते हुए बताया कि वह मुरली के साथ ग्राम सुखरी आया था। यहां से मुरली कहीं चला गया और श्याम नाम का लड़का उसे जबरन अपनी बुलेट मोटरसाइकिल में बैठाकर किसी घर में लाकर बंद कर दिया है और खाना-पीना नहीं दे रहा है। उसके द्वारा 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है, जल्दी रुपये की व्यवस्था करो, नहीं तो वह हाथ-पैर तोड़ देगा और जाने भी नहीं देगा। इसके बाद मनमोहन से मोबाइल किसी ने छीनकर बंद कर दिया, जिस कारण उससे बात नहीं हो पाई।

मनमोहन को छोड़कर घर आ गया था दोस्त
सुबह बड़े भाई भोला दास के किसी काम से घर पहुंचने पर युवती ने घटना की जानकारी उन्हें दी, तो पता चला कि घटना दिवस मुरली किसी के मोबाइल से फोन करके उनसे लगभग 09 बजे पूछा था कि मनमोहन घर आया है कि नहीं। इसके बाद वे मुरली को खोजने लगे तो वह मैदान में मिला। पूछने पर बताया कि मनमोहन को लेकर वह सुखरी गया था। शाम लगभग 06 बजे यहां अचानक उसका श्याम से सामना हो गया, जिससे उसका रुपये का लेनदेन था। इसके बाद वह श्याम को आ रहा हूं कहते हुए मनमोहन को वहीं छोड़कर चुपचाप चले गया। कुछ देर बाद मनमोहन को खोजने के लिए गया तो वहां मनमोहन और श्याम दोनों नहीं थे, इसके बाद वह घर वापस आ गया।

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