अंबिकापुर। सरगुजा के मैनपाट तहसील अंतर्गत पुलिस ट्रेनिंग स्कूल बरीमा के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करने के आठ वर्ष बाद भी भू-स्वामियों को मुआवजा की राशि नहीं मिली है। तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक के द्वारा इसकी रिपोर्ट सौंपने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण पशोपेश में हैं। कलेक्टर के जनदर्शन में मय दस्तावेज इसका दस्तावेज भू-स्वामियों ने सौंपा है और मुआवजा या जमीन दिलाने की मांग की है।

आवेदन में भू-स्वामियों ने बताया है कि ग्राम पंचायत बरीमा में पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के लिए वर्ष 2016 में चार किसानों की जमीन अधिग्रहण किया गया है। जिन किसानों का जमीन अधिग्रहण हुआ है, उनको आज तक किसी प्रकार का मुआवजा राशि वितरित नहीं किया गया है और ना ही बदले में जमीन दिया गया है। खसरा नंबर 576 रकबा 0.186, खसरा नंबर 577 रकबा 0.526 हेक्टेयर भूमि सरगुजा सेटलमेंट की है। सेेटलमेंट में क्रमश: प्राण माझी पिता गहा मांझी, मामाजी पिता भरतरी श्यामाजी के नाम पर दर्ज है। खसरा नंबर 576 रकबा 0.186 हेक्टेयर भूमि वर्तमान राजस्व अभिलेख में मंगल साय पिता सुखदेव, सुखलाल, चंदन आत्मा भिठल सभी जाति माझी, खसरा नंबर 557 रकबा 8.526 हेक्टेयर भूमि वर्तमान में राजस्व भू-अभिलेख में प्रेममाय, बीरबल, रूपसाय पिता धर्मसाय, गंूजी धर्मशाला, उधवा, सुपुत्री बुद्धु बंधन पिता बूढ़ा सभी जाति माझी निवासी ग्राम बरीमा खसरा नं0 1007/49 में से रकबा 0.200 एकड़ भूमि वर्तमान राजस्व अभिलेख में इंद्रावती यादव पति रमाशंकर यादव जाति अहीर निवासी बरिमा के नाम पर दर्ज है, जो शासन से पट्टे पर प्राप्त भूमि है। बताया गया है कि पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय बरिमा को आबंटित रकबा 12.378 हेक्टेयर भूमि से अधिक भूमि पर फेंसिग तार लगाकर कब्जा किया गया है, जिसमें उक्त खसरा नंबर की निजी भूमि भी शामिल है।

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