पांच वर्ष के बच्चे को छोड़कर देने लगी अग्निस्नान करने की धमकी, पहुंचे तहसीलदार

अंबिकापुर। कलेक्टोरेट में चल रहे जनदर्शन के बीच, सभाकक्ष के बाहर एक महिला पांच वर्ष के बच्चे के साथ पेट्रोल लेकर बैठी थी। इसका कहना था कि वह कलेक्टोरेट का चक्कर 2011 से काट रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो पाई है। जनदर्शन में इस बार उसकी बात नहीं सुनी गई और उसे घर, जमीन नहीं दिलाया गया तो वह पेट्रोल उड़लेकर अग्निस्नान कर लेगी। इस महिला ने पत्रकारों को बताया कि उसके पिता के स्वामित्व की जमीन को उसकी सौतेली मां बेच दी है, जिससे वह बेघर हो गई है। तीन कलेक्टरों ने जमीन बिक्री के लिए अनुमति नहीं दी, लेकिन हाल में स्थानांतरित होकर गए कलेक्टर ने जमीन बेचने की अनुमति दे दी। इसके बाद वह छोटे बच्चे के साथ दर-दर भटकने विवश है। महिला के हावभाव को देखकर पत्रकारों ने इसकी जानकारी जनदर्शन में मौजूद अधिकारियों को दी। इसके बाद तहसीलदार पहुंचे और महिला की बातों को सुनने के बाद प्लास्टिक की पन्नी में कागजात के साथ रखे पेट्रोल के बोतल को अपने कब्जे में लेकर उसे धैर्यपूर्वक बैठने के लिए कहे।
लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तराजू की मुन्नी दास ने बताया कि उसके पिता गांव के कोटवार थे। कोटवारी का काम करने के एवज में उन्हें शासन की ओर से जमीन मिली थी। पिता मनबोध की मौत वर्ष 2010 में होने के बाद उनके नाम की साढ़े तीन एकड़ जमीन को बेचने में सौतेली मां लगी थी। इसके बाद शेष 50 डिसमिल भूमि व छोटा मकान ही गुजर-बसर का सहारा था। आरोप है कि सौतेली मां ने इस जमीन को भी प्रशासन से अनुमति प्राप्त करके गुपचुप बेच डाला और उसे बेसहारा कर दी। मुन्नी दास का कहना है कि वह जमीन और मकान के लिए कलेक्टोरेट का चक्कर काटते थक चुकी है। इससे व्यथित होकर वह पेट्रोल लेकर जनदर्शन में पहुंची है। न्याय नहीं मिलने पर वह खुद पर पेट्रोल डालकर अग्निस्नान कर लेगी। बहरहाल महिला किसी प्रकार का आत्मघाती कदम न उठाने पाए, इसे देखते हुए तहसीलदार ने पेट्रोल तो अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन क्या प्रशासन इस महिला को उसकी भूमि वापस दिला पाएगा, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुन्नी दास पूर्व में भी कई बार कलेक्टर के जनदर्शन में न्याय की गुहार लगाने पहुंच चुकी है। एक बार वह चक्कर खाकर कलेक्टोरेट सभाकक्ष के बाहर ही गिर गई थी।

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