अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। नगर पंचायत कुसमी में ग्राम पंचायत कंजिया को शामिल किए जाने के योजना की जानकारी फैलते ही विरोध में एक सुर में आवाज उठने लगा हैं. ग्राम वासी नगर पंचायत में शामिल किए जाने की जानकारी मिलते ही नाराज नजर आ रहे हैं.

इस मामलें को लेकर ग्राम पंचायत कंजिया के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सरपंच सीता देवी सहित सभी वार्डो के पंच व ग्रामीणों की उपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक आयोजित कर कार्यवाही पंजी में अपनी राय दर्ज करा दी हैं कि ग्राम पंचायत कंजिया ग्राम पंचायत ही रहेगा नगर पंचायत में सम्मिलित नहीं होना चाहते हैं. जो सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है।

ग्रामीण बोले- नगर पंचायत में गांव को शामिल होने के बाद अधिक लगेगा टैक्स, किसानों को भी होगा नुक्सान

ग्रामीणों ने कहा कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के तहत किए जाने वाले सभी सामान्य कार्य ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है. जिससे ग्राम पंचायत के निवासियों को लाभ होता है. यदि ग्राम पंचायत कंजिया को नगर पंचायत कुसमी में शामिल किया जाएगा तो सभी किसानों को भी अपूरणीय क्षति होगी। इसके अलावा नगर पंचायत में शामिल होने से ग्राम कंजिया पंचायत वासियों को हर तरह का अधिक आर्थिक भार उठाना पड़ेगा. जिससे सभी किसानों सहित सभी को काफी नुकसान होगी। इसको लेकर कंजिया के ग्रामीणों के द्वारा कुसमी नगर पंचायत में शामिल करने को लेकर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से ग्राम पंचायत कंजिया को कुसमी नगर पंचायत के अंदर रखने का प्रस्ताव को रद्द करने की मांग राज्य सरकार के समक्ष रखी हैं. आगे कहा हैं कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

उच्च न्यायालय जाने को होंगे बाध्य..

ग्राम पंचायत कंजिया के बुद्धिजीवियों ने कहा हैं कि भारत के अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए पारंपरिक ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वशासन सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा अधिनियम पेसा एक्ट कानून हैं. तथा पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को विशेष रूप से अधिकार दिया गया हैं. और ग्राम पंचायत कंजिया में ग्राम सभा लगातार कर यदि कंजिया को ग्राम पंचायत में ही रहने दिए जाने पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुवा हैं. उसके बाद भी ग्राम पंचायत कंजिया को नगर पंचायत में शामिल करने की तैयारी की जायेगी तो मजबूरन ग्राम पंचायत कंजिया के निवासी उच्च न्यायालय जाने को बाध्य होंगे.

आजादी के बाद भी नगर पंचायत का वार्ड अंधेरे में, तो ग्राम कंजिया को नपं में शामिल कर केवल टैक्स वसूली का पलायन..

नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुवे कुसमी को 20 वर्ष हो चुका हैं. वर्ष 2003 में कुसमी नगर पंचायत अस्तित्व में आया था. शासन द्वारा मिलने वाली सुविधाओं से कुसमी के कई वार्ड वंचित हैं. वार्डवासियों को सर्वोच्च सुविधा मुहैया कराने में नगरीय प्रशासन फेल हैं. नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 15 के गाडों ताला के निवासियों के अनुसार आजादी के बाद आज भी उन्हें बिजली की सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा हैं. बिजली यंत्र से जुड़ी कोई भी सेवा उन्हें नही मिल पा रहीं हैं. इतना ही नहीं सड़क, पानी सहित कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. बारिश के दिनों में यहां छात्राओं को तलाबनुबा रास्ते से गुजरना असंभव हो जाता हैं. जबकि इस वार्ड से नगर पंचायत कुसमी के वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष भी निवास करते हैं. जो शासन सत्ता में भी बैठे हैं. इस पूरे मामले को क्षेत्रवासी जान रहे हैं इस तरह का उदाहरण देते हुए ग्राम पंचायत कंजिया के लोगों ने दावा कर कहा है कि जब नगर पंचायत कुसमी ही विकास की धारा में नहीं जुड़ पाया है तो वार्डों के विस्तार में ग्राम पंचायत कंजिया को नगर पंचायत में जोडकर केवल टैक्स वसूली के लिए गरीबों का जेब काटने का कार्य किये जाने का पलायन किया जा रहा हैं।

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