आयोजन का बहिष्कार कर जमीन पर बैठे कांग्रेसी-हाथ जोड़ मनाते रहे प्रशासनिक अधिकारी

मुख्य अतिथि पारसनाथ पैकरा पत्रकारों के सवाल पर मौन रहे, बाद में कहा-कुछ नहीं बोलना चाहता

अंबिकापुर। नगर के कलाकेंद्र मैदान में एक नवंबर 2022 को 22वां राज्य स्थापना दिवस काफी अव्यवस्थाओं के बीच मना। आयोजन के बीच उस समय उहापोह की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंबिकापुर विधायक टीएस सिंहदेव का नाम नहीं लेने से उद्वेलित हो गए और उन्होंने राज्योत्सव का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों को मंच में बैठने के लिए जगह भी नहीं मिली। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्रशासनिक अधिकारियों से बहस की स्थिति बन गई। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। मंचस्थ अतिथियों की मौजूदगी में बनी स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से मौजूद अधिकारी हाथ जोड़ते रह गए लेकिन मामला कुछ ऐसा तूल पकड़ा कि वरिष्ठ कांग्रेसी जमीन पर बैठकर आक्रोश जाहिर करने लगे। पत्रकारों ने जब बनी विरोध की स्थिति को लेकर सवाल किया तो मुख्य अतिथि की आसंदी से पहुंचे संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े काफी देर मौन रहे, सवाल दोहराने पर उन्होंने कहा-इस संबंध में चर्चा करेंगे, पुन: मैं इस संबंध में अभी कुछ नहीं बोलना चाहता कहते चुपचाप निकल लिए। इधर सीजीएमएससी के अध्यक्ष डॉ.प्रीतम राम ने गर्माते माहौल को बदलने की कोशिश की लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आक्रोश चरम पर रहा। प्रशासन की ओर से मौजूद एसडीएम प्रदीप साहू, तहसीलदार भी बिगड़े माहौल को ठंडा करने के प्रयास में लगे थे। कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी डॉ.जेपी श्रीवास्तव, हेमंत सिन्हा, द्वितेंद्र मिश्रा, आलोक सिंह सहित अन्य ने तहसीलदार ने कहा हम माफी चाहते हैं। इधर कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सीनियर कांग्रेस के नेताओं सहित स्थानीय विधायक टीएस सिंहदेव की लगातार उपेक्षा का प्रशासन पर आरोप लगाते रहे। कहना था कि वरिष्ठ कांग्रेसी जमीन पर बैठे हैं, मंच पर जूनियरों को स्थान दिया गया है। ऐसी विरोधाभासी बातों के बीच गाली-गलौज तक की स्थिति बन गई।

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