अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत नौगई में हुये तिहरे हत्याकांड की सीबीआई जांच के लिये शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। पीड़ित परिवार और क्षत्रिय समाज भी इस जघन्य हत्याकांड की सीबीआई से जांच की मांग कर रहा था। ग्राम नौगई में 16 जून की रात को भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला की कार में जलाकर और दो लोगों की फरसे से वार करके जघन्य हत्या कर दी गई थी, 2 गंभीर रूप से घायल हुए थे। वारदात को भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी और उसके परिवार के सदस्यों तथा साथियों द्वारा अंजाम दिया गया था। मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जांच सीबीआई से कराने की वकालत की थी। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने 19 जुलाई तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी।

सीबीआई जांच की उठ रही मांगों के बीच राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस तिहरे हत्याकांड की सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में 30 जून को अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 (अधिनियम 25, सन 1946) की धारा 6 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोरिया जिले के सोनहत थाने में बीएनएस की धारा 126(2), 296, 351(3), 151(2), 3(5) तथा 190, 191(2), 191(3), 109, 324, 103(1), 326(जी) के तहत दर्ज अपराध के अनुसंधान हेतु दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्तियों व क्षेत्राधिकार का विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में करने की सहमति प्रदान की जाती है। अधिसूचना जारी होने से अब मामले में पूरी पारदर्शिता की उम्मीद है। यह महत्वपूर्ण कदम इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में सहायक होगा। केंद्रीय जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से इस पूरे संवेदनशील प्रकरण की गहन पड़ताल करेगी। इससे हत्याकांड के पीछे के वास्तविक कारणों का भी पता चल सकेगा। पीड़ित परिवारों में अब न्याय की एक नई आस जगी है। निष्पक्ष जांच से समाज में कानून के प्रति विश्वास बहाल होगा।

संक्षिप्त में यह था मामला

सोनहत थाना क्षेत्र में रेत खनन-परिवहन को लेकर हुये विवाद के बीच बीते 15 जून को मारपीट के बाद 16 जून की रात को कटगोड़ी एवं महलपारा बैकुंठपुर निवासी भरत कुमार सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपने साथी योगेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, मयंक सिंह एवं नागेन्द्र सिंह के साथ ग्राम नौगई गये थे। इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर मनोज त्रिपाठी के घर के सामने विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। यहां मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी एवं अन्य व्यक्तियों ने भरत सिंह के फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और धारदार हथियार से हमला किया था। घटना में भरत सिंह की कार में ही जलकर मौत हो गई थी, जबकि शिक्षक नागेन्द्र सिंह एवं वीरेन्द्र सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों को फांसी देने और मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।

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