अंबिकापुर। जन शिक्षण संस्थान सरगुजा ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की परियोजना अंतर्गत सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय अंबिकापुर में फूड प्रोसेसिंग व कंप्यूटर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया, जिसमें अतिथि के रूप में एम.सिद्दीकी निदेशक जन शिक्षण संस्थान सरगुजा, गिरीश गुप्ता प्राचार्य लाइवलीहुड कॉलेज, जिला परियोजना अधिकारी अंबिकापुर के अलावा रानी रजक सहायक प्राध्यापिका सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, उर्मिला उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ट्रेड के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षण के साथ भविष्य में अपने स्किल को सुरक्षा कवच बनाना कैसे है, इसके बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए एम.सिद्दीकी ने बताया कि कौशल विकास और प्रशिक्षण विद्यार्थियों में भावनात्मक परिपक्वता पैदा करने में मदद करता है। नए कौशल सीखने के लिए छात्रों को प्रयोग करने के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। ऐसा करते समय उन्हें असफलताओं और निराशाओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह उन्हें असफलताओं को शालीनता से स्वीकार करने और कभी हार न मानने का जज्बा विकसित करने के लिए तैयार करेगा। गिरीश गुप्ता ने कहा एक बालक के सर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल का ज्ञान आवश्यक है क्योंकि जीवन कौशल के माध्यम से उस का सर्वांगीण विकास होता है। डॉ.एंजेना टोप्पो ने बताया कि कौशल विकास के कार्यक्रम में समस्या समाधान, महत्वपूर्ण सोच, संचार कौशल, निर्णय लेने, रचनात्मक सोच, पारस्परिक संबंध कौशल, आत्म जागरूकता निर्माण कौशल, सहानुभूति और तनाव कौशल से मुकाबला करना शामिल है। रानी रजक ने बताया कि महिलाओं को भी इस योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह योजना देश के नागरिकों को रोजगार प्रदान करने में कारगर साबित होगी। इसके माध्यम से देश के नागरिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनेंगे। यह योजना देश का विकास करने में भी कारगर साबित होगी। कार्यक्रम में गोल्डन सिंह, देव नारायण सिंह, प्रियलता जायसवाल, अपराजिता की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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